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जै-जै बद्रीविशाल रे भूमि तेरी भूम्याल रे..........
Updated Sat, 23 Jun 2018 10:48 PM IST
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बदरीनाथ। गंगा दशहरा के अवसर पर बदरीनाथ धाम में भजन संध्या और गंगा आरती का आयोजन किया गया। ओम प्रकाश ध्यानी, विपुल मेहता और उमा चरण पंचभैया ने भजनों की प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान कीर्तन मंडली की ओर से जौ जस दियाला मेरा तिरजुगी नारेंण... और जै-जै बदरीविशाला रे भूमि तेरी भूम्याल रे... भजनों की प्रस्तुति पर श्रद्धालु झूमते रहे।
इस दौरान पंडित विनोद कोटियाल ने कहा कि गंगा दशहरा में गंगा में स्नान, ध्यान और पूजन से पापों का नाश हो जाता है। इस दौरान पंडित आचार्यों और तीर्थयात्रियों ने गंगा आरती के साथ ही भगवान बदरीविशाल की आरती में भी भाग लिया। गंगा आरती के दौरान तीर्थयात्रियों की ओर से अलकनंदा के तट पर दीप प्रज्जवलित किए गए। इस मौके पर मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह, धर्माधिकारी भुवनचंद्र उनियाल, मदन लाल डंगवाल और अंकित नैनवाल आदि मौजूद थे।
इस दौरान पंडित विनोद कोटियाल ने कहा कि गंगा दशहरा में गंगा में स्नान, ध्यान और पूजन से पापों का नाश हो जाता है। इस दौरान पंडित आचार्यों और तीर्थयात्रियों ने गंगा आरती के साथ ही भगवान बदरीविशाल की आरती में भी भाग लिया। गंगा आरती के दौरान तीर्थयात्रियों की ओर से अलकनंदा के तट पर दीप प्रज्जवलित किए गए। इस मौके पर मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह, धर्माधिकारी भुवनचंद्र उनियाल, मदन लाल डंगवाल और अंकित नैनवाल आदि मौजूद थे।
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