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पल्ला-जखोला गांव में गहराया पेयजल संकट
Updated Sun, 17 Jun 2018 10:40 PM IST
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जोशीमठ। पल्ला-जखोला गांव में पेयजल किल्लत होने से ग्रामीणों को दूरस्थ क्षेत्रों से पानी ढोना पड़ रहा है।
पल्ला-जखोला गांव में 129 परिवार रहते हैं। वर्ष 2013 की आपदा में गांव की पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई थी, लेकिन जल निगम की ओर से अभी तक योजना को सुचारु नहीं किया गया है। ग्राम प्रधान मनवन सिंह रावत, चंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, भगत सिंह, उमा देवी और जशोदा देवी का कहना है कि पेयजल स्रोत पर जलस्तर कम होने से अब एक बर्तन पानी भरने के लिए ग्रामीणों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इसके बाद भी मांग के अनुरूप पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। गांव के लिए बनी पेयजल योजना क्षतिग्रस्त पड़ी है। इधर, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता पीके सैनी का कहना है कि ग्रामीणों की शिकायत पर गांव में पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। बजट की व्यवस्था होने पर पल्ला जखोला पेयजल योजना को भी सुचारु कर दिया जाएगा।
पल्ला-जखोला गांव में 129 परिवार रहते हैं। वर्ष 2013 की आपदा में गांव की पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई थी, लेकिन जल निगम की ओर से अभी तक योजना को सुचारु नहीं किया गया है। ग्राम प्रधान मनवन सिंह रावत, चंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, भगत सिंह, उमा देवी और जशोदा देवी का कहना है कि पेयजल स्रोत पर जलस्तर कम होने से अब एक बर्तन पानी भरने के लिए ग्रामीणों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इसके बाद भी मांग के अनुरूप पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। गांव के लिए बनी पेयजल योजना क्षतिग्रस्त पड़ी है। इधर, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता पीके सैनी का कहना है कि ग्रामीणों की शिकायत पर गांव में पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। बजट की व्यवस्था होने पर पल्ला जखोला पेयजल योजना को भी सुचारु कर दिया जाएगा।