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बाल श्रम विधिक समस्या ही नहीं बल्कि सामाजिक बुराई भी
Updated Tue, 12 Jun 2018 10:56 PM IST
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श्रीनगर। तालुका विधिक समिति की ओर से बाल श्रम निषेध विषय पर शिविर आयोजित किया गया। इस दौरान कानून विशेषज्ञों ने कहा कि बाल श्रम उन्मूलन में समाज का सहयोग महत्वपूर्ण है।
मंगलवार को टम्टा मोहल्ले में आयोजित विधिक शिविर में सिविल जज अमित कुमार ने कहा कि बाल श्रम के प्रति जागरूक रहना हम सब की सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हम सभी को बाल श्रम की रोकथाम के लिए अपने स्तर से सार्थक प्रयास करने होंगे। बाल श्रम को सामाजिक बुराई बताते हुए उन्होंने कहा कि बिना समाज के सहयोग से इसे रोका नहीं जा सकता है। विधिक शिविर में बाल श्रम कानूनों की जानकारी विस्तार से दी गई। शिविर में बाल श्रम से संबंधित साहित्य भी वितरित किया गया। मौके पर उत्तराखंड बार काउंसिल के सदस्य अर्जुन भंडौ, शशि चमोली, प्रमेश चंद्र जोशी, भगवती प्रसाद पोखरियाल, राजीव विश्नोई, कुशलानाथ आदि मौजूद थे।
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मंगलवार को टम्टा मोहल्ले में आयोजित विधिक शिविर में सिविल जज अमित कुमार ने कहा कि बाल श्रम के प्रति जागरूक रहना हम सब की सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हम सभी को बाल श्रम की रोकथाम के लिए अपने स्तर से सार्थक प्रयास करने होंगे। बाल श्रम को सामाजिक बुराई बताते हुए उन्होंने कहा कि बिना समाज के सहयोग से इसे रोका नहीं जा सकता है। विधिक शिविर में बाल श्रम कानूनों की जानकारी विस्तार से दी गई। शिविर में बाल श्रम से संबंधित साहित्य भी वितरित किया गया। मौके पर उत्तराखंड बार काउंसिल के सदस्य अर्जुन भंडौ, शशि चमोली, प्रमेश चंद्र जोशी, भगवती प्रसाद पोखरियाल, राजीव विश्नोई, कुशलानाथ आदि मौजूद थे।
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