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द्रोणागिरी गांव में पहुंची बिजली, खुशी से झूम उठे भोटिया जनजाति के ग्रामीण
Updated Tue, 12 Jun 2018 11:00 PM IST
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जोशीमठ। चीन सीमा क्षेत्र में स्थित द्रोणागिरी गांव भी अब बिजली की रोशनी से जगमगाएगा। गांव में ऊर्जा निगम ने बिजली लाइन पहुंचा दी है और गांव के 12 परिवारों ने कनेक्शन भी ले लिए हैं।
द्रोणागिरी गांव में भोटिया जनजाति के 65 परिवार रहते हैं। ग्रामीण शीतकाल में छह माह तक जिले के निचले क्षेत्रों में निवास करते हैं, जबकि ग्रीष्मकाल में अपने पैतृक गांव लौट जाते हैं। वर्ष 2017 में द्रोणागिरी गांव के लिए जुम्मा से चार किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ और इस वर्ष गांव में ग्रामीण विद्युतीकरण के तहत बिजली पहुंचा दी गई है। अभी तक ग्रामीण छिल्लों और लैंप के सहारे गांव में रात गुजार रहे थे। बिजली लाइन के गांव में पहुंचने के साथ ही ऊर्जा निगम की ओर से गांव में 12 परिवारों के बिजली कनेक्शन भी जोड़ दिए हैं। गांव में बिजली पहुंचने पर ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। ग्राम प्रधान दीपा देवी, नरेंद्र रावत और उदय सिंह का कहना है कि बिजली के बिना गांव में अंधेरा होते ही ग्रामीण अपने घरों में कैद हो जाते थे। रात के अंधेरे में वन्य जीवों का आबादी क्षेत्र में घुसने का खतरा बना रहता था। बिजली पहुंचने के बाद अब इस दिक्कत से निजात मिल जाएगी। ऊर्जा निगम के एसडीओ अजय धीमान का कहना है कि द्रोणागिरी गांव तक बिजली लाइन पहुंचा दी गई है। बिजली कनेक्शन बांटे जा रहे हैं। शीघ्र ही गांव के सभी परिवारों को बिजली सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी।
द्रोणागिरी गांव में भोटिया जनजाति के 65 परिवार रहते हैं। ग्रामीण शीतकाल में छह माह तक जिले के निचले क्षेत्रों में निवास करते हैं, जबकि ग्रीष्मकाल में अपने पैतृक गांव लौट जाते हैं। वर्ष 2017 में द्रोणागिरी गांव के लिए जुम्मा से चार किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ और इस वर्ष गांव में ग्रामीण विद्युतीकरण के तहत बिजली पहुंचा दी गई है। अभी तक ग्रामीण छिल्लों और लैंप के सहारे गांव में रात गुजार रहे थे। बिजली लाइन के गांव में पहुंचने के साथ ही ऊर्जा निगम की ओर से गांव में 12 परिवारों के बिजली कनेक्शन भी जोड़ दिए हैं। गांव में बिजली पहुंचने पर ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। ग्राम प्रधान दीपा देवी, नरेंद्र रावत और उदय सिंह का कहना है कि बिजली के बिना गांव में अंधेरा होते ही ग्रामीण अपने घरों में कैद हो जाते थे। रात के अंधेरे में वन्य जीवों का आबादी क्षेत्र में घुसने का खतरा बना रहता था। बिजली पहुंचने के बाद अब इस दिक्कत से निजात मिल जाएगी। ऊर्जा निगम के एसडीओ अजय धीमान का कहना है कि द्रोणागिरी गांव तक बिजली लाइन पहुंचा दी गई है। बिजली कनेक्शन बांटे जा रहे हैं। शीघ्र ही गांव के सभी परिवारों को बिजली सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी।
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