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मॉरीशस के साहित्यकार अभिमन्यु के निधन पर जताया शोक
Updated Tue, 12 Jun 2018 10:51 PM IST
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देवप्रयाग। विश्व स्तर पर हिंदी को पहचान दिलाने वाले मॉरीशस के प्रसिद्ध साहित्यकार अभिमन्यु अनत के निधन पर हिंदी प्रेमियों ने शोक जताया। उन्हें मॉरीशस के हिंदी कथा साहित्य के सम्राट के रूप में जाना जाता था।
राजकीय महाविद्यालय देवप्रयाग के प्रो. अनिल कुमार नैथानी स्व. अनत से हुई भेंट को जीवन की बड़ी उपलब्धि मानते हैं। गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर से प्रो. नैथानी ने 1986 में अभिमन्यु अनत के उपन्यासों पर शोध किया था। नैथानी ने कहा कि वह स्व. अनत को श्रद्धा सुमन अर्पित करने उनके घर मॉरीशस जाएंगे। साथ ही उन पर किए गए शोध को शीघ्र ही प्रकाशित भी करेंगे। प्रो. नैथानी ने बताया कि स्व. अनत की प्रकाशित 55 पुस्तकों में लाल पसीना ,गांधी जी बोले थे, शेफाली, अपनी ही तलाश, तपती दोपहरी, एक बीघा प्यार और नदी बहती रही, आंदोलन, जम गया सूरज जैसी रचनाएं उनको सदा अमर रखेंगी।
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राजकीय महाविद्यालय देवप्रयाग के प्रो. अनिल कुमार नैथानी स्व. अनत से हुई भेंट को जीवन की बड़ी उपलब्धि मानते हैं। गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर से प्रो. नैथानी ने 1986 में अभिमन्यु अनत के उपन्यासों पर शोध किया था। नैथानी ने कहा कि वह स्व. अनत को श्रद्धा सुमन अर्पित करने उनके घर मॉरीशस जाएंगे। साथ ही उन पर किए गए शोध को शीघ्र ही प्रकाशित भी करेंगे। प्रो. नैथानी ने बताया कि स्व. अनत की प्रकाशित 55 पुस्तकों में लाल पसीना ,गांधी जी बोले थे, शेफाली, अपनी ही तलाश, तपती दोपहरी, एक बीघा प्यार और नदी बहती रही, आंदोलन, जम गया सूरज जैसी रचनाएं उनको सदा अमर रखेंगी।
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