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प्रबंधन के खिलाफ किया धरना-प्रदर्शन
Updated Tue, 05 Jun 2018 01:52 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला
विकासनगर। अपनी मांगों के समर्थन में व्यासी जल विद्युत परियोजना से जुड़े संविदा श्रमिक संघ का कार्य बहिष्कार सोमवार को चौथे दिन भी जारी रहा। श्रमिकों ने गैमन कंपनी और जल विद्युत निगम प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर धरना-प्रदर्शन किया। मांग पूरी न होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। सीटू के जिला महामंत्री लेखराज और प्रांतीय उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी ने भी धरनास्थल पर पहुंचे श्रमिकों को समर्थन दिया।
श्रमिकों ने कहा लंबे समय से कर्मचारी शिफ्ट के अनुसार बस की सुविधा, मेडिकल भत्ते और वर्किंग साइट पर सुरक्षा उपकरण मुहैया कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांग को अनसुना किया जा रहा है। शाखा अध्यक्ष राजेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि परियोजना निर्माण कार्य में लगे श्रमिक लंबे समय से आवागमन के लिए वाहन सुविधा की मांग कर रहे हैं। वाहन न होने से श्रमिकों को कार्यस्थल तक आने-जाने में अधिक समय लगता है। श्रमिकों को श्रम कानूनों के अनुरूप मानदेय, चिकित्सा और अन्य सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। कार्यस्थल पर दुर्घटना होने या श्रमिकों के बीमार होने पर कंपनी की ओर से कोई आर्थिक सहायता नहीं दी जाती। उन्होंने कहा जब तक मांग पूरी नहीं होगी तब तक श्रमिकों का आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन करने वालों में राजेंद्र सिंह तोरम, बलवंत रावत, प्रताप तोमर, प्रदीप उनियाल, शेर सिंह क्षेत्री, चैन सिंह, शेर सिंह तोमर, विजय चौहान, संजीव रावत, संजय चौहान आदि शामिल रहे।
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विकासनगर। अपनी मांगों के समर्थन में व्यासी जल विद्युत परियोजना से जुड़े संविदा श्रमिक संघ का कार्य बहिष्कार सोमवार को चौथे दिन भी जारी रहा। श्रमिकों ने गैमन कंपनी और जल विद्युत निगम प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर धरना-प्रदर्शन किया। मांग पूरी न होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। सीटू के जिला महामंत्री लेखराज और प्रांतीय उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी ने भी धरनास्थल पर पहुंचे श्रमिकों को समर्थन दिया।
श्रमिकों ने कहा लंबे समय से कर्मचारी शिफ्ट के अनुसार बस की सुविधा, मेडिकल भत्ते और वर्किंग साइट पर सुरक्षा उपकरण मुहैया कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांग को अनसुना किया जा रहा है। शाखा अध्यक्ष राजेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि परियोजना निर्माण कार्य में लगे श्रमिक लंबे समय से आवागमन के लिए वाहन सुविधा की मांग कर रहे हैं। वाहन न होने से श्रमिकों को कार्यस्थल तक आने-जाने में अधिक समय लगता है। श्रमिकों को श्रम कानूनों के अनुरूप मानदेय, चिकित्सा और अन्य सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। कार्यस्थल पर दुर्घटना होने या श्रमिकों के बीमार होने पर कंपनी की ओर से कोई आर्थिक सहायता नहीं दी जाती। उन्होंने कहा जब तक मांग पूरी नहीं होगी तब तक श्रमिकों का आंदोलन जारी रहेगा।
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प्रदर्शन करने वालों में राजेंद्र सिंह तोरम, बलवंत रावत, प्रताप तोमर, प्रदीप उनियाल, शेर सिंह क्षेत्री, चैन सिंह, शेर सिंह तोमर, विजय चौहान, संजीव रावत, संजय चौहान आदि शामिल रहे।
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