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पेयजल समस्या से जूझ रहे जाखणी सहित क्षेत्र के आधा दर्जन गांव
Updated Mon, 04 Jun 2018 10:40 PM IST
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श्रीनगर। विकास खंड कीर्तिनगर के करीब आधा दर्जन गांवों के लोग आए दिन पेयजल समस्या से जूझ रहे है। गांव के लिए पेयजल योजना का निर्माण होने के बावजूद ग्रामीण अलकनंदा नदी व प्राकृतिक जल स्रोतों से प्यास बुझाने को मजबूर है। वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है, कि कतिपय लोगों की ओर से पानी का दुरुपयोग करने पर समस्या पैदा हो रही है।
ब्लाक मुख्यालय के पास ग्राम पंचायत घिल्डियालगांव, जाखणी, देवली, रानीहाट और चौरास क्षेत्र में थापली, मंगसू, मढ़ी आदि गांवों के ग्रामीणों को आए दिन पेयजल के लिए जूझना पड़ रहा है। गांवों के लिए बनी दो-दो पेयजल योजनाओं के बावजूद ग्रामीणों को पानी के लिए प्राकृतिक जल स्रोतों व अलकनंदा नदी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान आशुतोष रावत व पूर्व जिला पंचायत सदस्य रंजन रतूड़ी ने समस्या पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि गर्मियों में आए दिन लोगों को समस्या से जूझना पड़ जाता है। दूसरी ओर जल संस्थान के सहायक अभियंता गिरीश भट्ट का कहना है, कि योजना पर अन्य दिनों की भांति नियमित रूप से पानी की आपूर्ति की जाती है, लेकिन कुछ लोग पानी का दुरुपयोग कर रहे है। कतिपय लोग इस पानी को अपने बगीचों की सिंचाई के लिए उपयोग में ला रहे है, जिस कारण कई बस्तियों में पानी नही पहुंच रहा है। कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ अभियान शुरू किया गया हैै।
ब्लाक मुख्यालय के पास ग्राम पंचायत घिल्डियालगांव, जाखणी, देवली, रानीहाट और चौरास क्षेत्र में थापली, मंगसू, मढ़ी आदि गांवों के ग्रामीणों को आए दिन पेयजल के लिए जूझना पड़ रहा है। गांवों के लिए बनी दो-दो पेयजल योजनाओं के बावजूद ग्रामीणों को पानी के लिए प्राकृतिक जल स्रोतों व अलकनंदा नदी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान आशुतोष रावत व पूर्व जिला पंचायत सदस्य रंजन रतूड़ी ने समस्या पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि गर्मियों में आए दिन लोगों को समस्या से जूझना पड़ जाता है। दूसरी ओर जल संस्थान के सहायक अभियंता गिरीश भट्ट का कहना है, कि योजना पर अन्य दिनों की भांति नियमित रूप से पानी की आपूर्ति की जाती है, लेकिन कुछ लोग पानी का दुरुपयोग कर रहे है। कतिपय लोग इस पानी को अपने बगीचों की सिंचाई के लिए उपयोग में ला रहे है, जिस कारण कई बस्तियों में पानी नही पहुंच रहा है। कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ अभियान शुरू किया गया हैै।
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