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अंग्रेजी भाषा की अनिवार्यता छात्रों पर पड़ रही भारी
Updated Thu, 31 May 2018 10:36 PM IST
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श्रीनगर। गढ़वाल विवि में लागू सीबीसीएस प्रणाली (च्वाइस बेस क्रेडिट सिस्टम) के तहत अंग्रेजी भाषा की अनिवार्यता हिंदी मीडियम के छात्रों पर भारी पड़ रही है। करीब 300 छात्रों का परीक्षा परिणाम अंग्रेजी भाषा की अनिवार्यता के चलते प्रभावित हुआ है। इससे आक्रोशित छात्र-छात्राओं का गुस्सा बृहस्पतिवार को कुलपति कार्यालय पर फूटा। यहां धरना प्रदर्शन करते हुए छात्रों ने कहा कि अंग्रेजी भाषा उनपर थोपी जा रही है।
बीए अंतिम वर्ष के छात्र छात्राओं ने छात्र संघ सचिव देवकांत देवराड़ी व प्रवीण भंडारी के नेतृत्व में कुलपति कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया। कहना था, कि सीबीसीएस के तहत छात्रों को प्रथम व तृतीय सेमेस्टर में अंग्रेजी भाषा अनिवार्य कर दी गई है। बीए के छात्रों का कहना है, कि वह प्रथम सेमेस्टर से अंग्रेजी भाषा की परीक्षा दे रहे हैं, लेकिन अभी तक वह इसे उत्तीर्ण नहीं कर पाए हैं। छात्राओं ने बताया कि अंग्रेजी भाषा की कक्षा सप्ताह में केवल दो बार होती है। ऐसे में उन्हें मुश्किल उठानी पड़ रही है। छात्र संघ सचिव देवकांत देवराड़ी व प्रवीण भंडारी ने कहा कि छात्र छात्राएं अंग्रेजी भाषा की बाध्यता के चलते परीक्षा में असफल हो गए हैं। उन्होंने विवि प्रशासन से छात्रों के परीक्षा परिणाम में सुधार किए जाने की मांग की है। इस दौरान परीक्षा नियंत्रक प्रो. आरसी भट्ट, मुख्य नियंता प्रो. अरुण बहुगुणा, कुलसचिव डा. एके झा, संयुक्त कुलसचिव डा. एके मोहंती आदि मौजूद थे।
..और रो पड़ी छात्रा
श्रीनगर। रिजल्ट को लेकर परेशान छात्रा अपनी समस्या बताते हुए रो पड़ी। छात्रा ने कहा कि अंग्रेजी थोपे जाने के कारण उसका भविष्य बर्बाद हो रहा है। कहा कि वह दो बार बैक पेपर दे चुकी है, लेकिन अंग्रेजी नहीं आने से वह परीक्षा पास नहीं कर पा रही।
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अंग्रेजी भाषा की अनिवार्यता यूजीसी से निर्धारित की गई है। इसे हटाया नहीं जा सकता। हालांकि विवि प्रशासन ने पाठ्यक्रम में सरलीकरण का आश्वासन दिया है।
प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल, कार्यवाहक कुलपति
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बीए अंतिम वर्ष के छात्र छात्राओं ने छात्र संघ सचिव देवकांत देवराड़ी व प्रवीण भंडारी के नेतृत्व में कुलपति कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया। कहना था, कि सीबीसीएस के तहत छात्रों को प्रथम व तृतीय सेमेस्टर में अंग्रेजी भाषा अनिवार्य कर दी गई है। बीए के छात्रों का कहना है, कि वह प्रथम सेमेस्टर से अंग्रेजी भाषा की परीक्षा दे रहे हैं, लेकिन अभी तक वह इसे उत्तीर्ण नहीं कर पाए हैं। छात्राओं ने बताया कि अंग्रेजी भाषा की कक्षा सप्ताह में केवल दो बार होती है। ऐसे में उन्हें मुश्किल उठानी पड़ रही है। छात्र संघ सचिव देवकांत देवराड़ी व प्रवीण भंडारी ने कहा कि छात्र छात्राएं अंग्रेजी भाषा की बाध्यता के चलते परीक्षा में असफल हो गए हैं। उन्होंने विवि प्रशासन से छात्रों के परीक्षा परिणाम में सुधार किए जाने की मांग की है। इस दौरान परीक्षा नियंत्रक प्रो. आरसी भट्ट, मुख्य नियंता प्रो. अरुण बहुगुणा, कुलसचिव डा. एके झा, संयुक्त कुलसचिव डा. एके मोहंती आदि मौजूद थे।
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..और रो पड़ी छात्रा
श्रीनगर। रिजल्ट को लेकर परेशान छात्रा अपनी समस्या बताते हुए रो पड़ी। छात्रा ने कहा कि अंग्रेजी थोपे जाने के कारण उसका भविष्य बर्बाद हो रहा है। कहा कि वह दो बार बैक पेपर दे चुकी है, लेकिन अंग्रेजी नहीं आने से वह परीक्षा पास नहीं कर पा रही।
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अंग्रेजी भाषा की अनिवार्यता यूजीसी से निर्धारित की गई है। इसे हटाया नहीं जा सकता। हालांकि विवि प्रशासन ने पाठ्यक्रम में सरलीकरण का आश्वासन दिया है।
प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल, कार्यवाहक कुलपति