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योग के संयोग से रुकेगा पलायन : चिदानंद
Updated Tue, 29 May 2018 02:08 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला,मुनिकीरेती ।
परमार्थ निकेतन आश्रम में पर्यावरण संरक्षण व मोक्षदायिनी गंगा के निमित्त आयोजित श्रीराम कथा में हरिद्वार से स्वामी अच्युतानंद महाराज शामिल हुए। इस अवसर पर परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि ने स्वामी से उत्तराखंड से पलायन रोकने, स्वर्गाश्रम व ऋषिकेश के सौंदर्यीकरण, गंगा तटों की स्वच्छता व तटों के दोनों ओर पौधरोपण व योग सेंटर खोलने पर जोर दिया। कहा कि तभी क्षेत्र से पलायन रुक सकता है।
इस दौरान स्वामी चिदानंद मुनि ने स्वर्गाश्रम क्षेत्र में महर्षि योगी की चौरासी कुटिया से शिवानंद राम झूला तक और शिवानंद राम झूला से लक्ष्मण झूला तक स्वच्छता बनाए रखने पर जोर दिया। बताया कि इससे विश्व के अनेक देशों से यहां आने वाले सैलानियों को तीर्थक्षेत्र और अधिक आकर्षित करेगा। उन्होंने कहा कि योग के जरिए ऐसा संयोग बनाया जा सकता है जिससे उत्तराखंड में पलायन को कम किया जा सके। इस दौरान उन्होंने कहा कि पलायन को हटाना है तो योग को बढ़ाना होगा। स्वामी अच्युतानंद ने कहा कि मानस कथा में भक्ति, शक्ति, समर्पण, त्याग व प्रेम का संदेश निहीत है।
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परमार्थ निकेतन आश्रम में पर्यावरण संरक्षण व मोक्षदायिनी गंगा के निमित्त आयोजित श्रीराम कथा में हरिद्वार से स्वामी अच्युतानंद महाराज शामिल हुए। इस अवसर पर परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि ने स्वामी से उत्तराखंड से पलायन रोकने, स्वर्गाश्रम व ऋषिकेश के सौंदर्यीकरण, गंगा तटों की स्वच्छता व तटों के दोनों ओर पौधरोपण व योग सेंटर खोलने पर जोर दिया। कहा कि तभी क्षेत्र से पलायन रुक सकता है।
इस दौरान स्वामी चिदानंद मुनि ने स्वर्गाश्रम क्षेत्र में महर्षि योगी की चौरासी कुटिया से शिवानंद राम झूला तक और शिवानंद राम झूला से लक्ष्मण झूला तक स्वच्छता बनाए रखने पर जोर दिया। बताया कि इससे विश्व के अनेक देशों से यहां आने वाले सैलानियों को तीर्थक्षेत्र और अधिक आकर्षित करेगा। उन्होंने कहा कि योग के जरिए ऐसा संयोग बनाया जा सकता है जिससे उत्तराखंड में पलायन को कम किया जा सके। इस दौरान उन्होंने कहा कि पलायन को हटाना है तो योग को बढ़ाना होगा। स्वामी अच्युतानंद ने कहा कि मानस कथा में भक्ति, शक्ति, समर्पण, त्याग व प्रेम का संदेश निहीत है।
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