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33 घंटे बाद पाया जा सका आग पर काबू
Updated Tue, 29 May 2018 02:00 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला
कालसी।
चकराता वन प्रभाग की रिवर रेंज और भूमि संरक्षण वन प्रभाग की कालसी रेंज अंतर्गत कालसी जोहड़ी के जंगल में लगी आग पर सोमवार को करीब 33 घंटे बाद काबू पा लिया गया। हालांकि अब भी कुछ जगहों से धुआं उठता नजर आ रहा है। स्थिति पर पूर्ण रूप से नियंत्रण के लिए वनकर्मी नजर रखे हुए हैं। आग से करीब 55 हेक्टेयर वन संपदा जल गई है।
रविवार की सुबह सात बजे से रिवर रेंज और कालसी रेंज अंतर्गत जोहड़ी के जंगल में आग लग गई थी। कुछ ही देर में आग ने बड़े क्षेत्रफल को चपेट में ले लिया था। खादर गांव स्थित गौशाला जल गई थी। आग कालसी जोहड़ी स्थित आबादी क्षेत्र के पास तक जा पहुंची थी। आग पर काबू पाने के लिए एसडीआरएफ के साथ ही फायर ब्रिगेड की टीम को भी मौके पर बुलाया गया था। संसाधनों की कमी के बावजूद टीम को आग पर काबू पाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। सोमवार की शाम करीब चार बजे आग पर काबू पाया जा सका।
इससे पूर्व सुबह के समय यह भड़की आग सात किमी दूर धोईरा और निछिया तक जा पहुंची। आग ने कालसी जोहड़ी स्थित गैस गोदाम के सामने स्थित प्लांटेशन को भी चपेट में ले लिया। जिससे लोगों में हड़कंप की स्थिति बनी रही। फायर ब्रिगेड, वन विभाग, तहसील और पुलिस-प्रशासन की टीम ने बमुश्किल आग पर काबू पाया। पूरी रात ग्रामीणों को जाग कर काटनी पड़ी। उपजिलाधिकारी वीके तिवारी ने भी घटनास्थल पर पहुंच कर नुकसान का जायजा लिया।
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सरला छानी के पास भड़की आग
चकराता। कालसी मोटर मार्ग पर कोरूवा स्थित सरला छानी के सिविल वन क्षेत्र में आग लग गई। सोमवार सुबह से वन क्षेत्र में आग भड़की हुई है। छानी के पास आग पहुंचने से ग्रामीणों में हड़कंप मचा हुआ है। ग्रामीण अपने स्तर से आग पर काबू पाने की जद्दोजहद में जुटे हुए हैं। अब तक आग से एक बड़े क्षेत्रफल में खड़ी वन संपदा जल चुकी है। डीएफओ दीपचंद आर्य ने बताया कि टीम को मौके पर भेजा जा रहा है।
अब तक 44 जगहों पर लग चुकी है आग
कालसी भूमि संरक्षण वन प्रभाग और चकराता वन प्रभाग अंतर्गत इस फायर सीजन में अब तक करीब 44 जगहों पर आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। जिससे बड़े भूभाग की वन संपदा जल चुकी है। चकराता वन प्रभाग अंतर्गत 14 और कालसी भूमि संरक्षण वन प्रभाग क्षेत्र अंतर्गत 28 जगहों पर आग लगने घटनाएं हो चुकी हैं।
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कालसी।
चकराता वन प्रभाग की रिवर रेंज और भूमि संरक्षण वन प्रभाग की कालसी रेंज अंतर्गत कालसी जोहड़ी के जंगल में लगी आग पर सोमवार को करीब 33 घंटे बाद काबू पा लिया गया। हालांकि अब भी कुछ जगहों से धुआं उठता नजर आ रहा है। स्थिति पर पूर्ण रूप से नियंत्रण के लिए वनकर्मी नजर रखे हुए हैं। आग से करीब 55 हेक्टेयर वन संपदा जल गई है।
रविवार की सुबह सात बजे से रिवर रेंज और कालसी रेंज अंतर्गत जोहड़ी के जंगल में आग लग गई थी। कुछ ही देर में आग ने बड़े क्षेत्रफल को चपेट में ले लिया था। खादर गांव स्थित गौशाला जल गई थी। आग कालसी जोहड़ी स्थित आबादी क्षेत्र के पास तक जा पहुंची थी। आग पर काबू पाने के लिए एसडीआरएफ के साथ ही फायर ब्रिगेड की टीम को भी मौके पर बुलाया गया था। संसाधनों की कमी के बावजूद टीम को आग पर काबू पाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। सोमवार की शाम करीब चार बजे आग पर काबू पाया जा सका।
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इससे पूर्व सुबह के समय यह भड़की आग सात किमी दूर धोईरा और निछिया तक जा पहुंची। आग ने कालसी जोहड़ी स्थित गैस गोदाम के सामने स्थित प्लांटेशन को भी चपेट में ले लिया। जिससे लोगों में हड़कंप की स्थिति बनी रही। फायर ब्रिगेड, वन विभाग, तहसील और पुलिस-प्रशासन की टीम ने बमुश्किल आग पर काबू पाया। पूरी रात ग्रामीणों को जाग कर काटनी पड़ी। उपजिलाधिकारी वीके तिवारी ने भी घटनास्थल पर पहुंच कर नुकसान का जायजा लिया।
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सरला छानी के पास भड़की आग
चकराता। कालसी मोटर मार्ग पर कोरूवा स्थित सरला छानी के सिविल वन क्षेत्र में आग लग गई। सोमवार सुबह से वन क्षेत्र में आग भड़की हुई है। छानी के पास आग पहुंचने से ग्रामीणों में हड़कंप मचा हुआ है। ग्रामीण अपने स्तर से आग पर काबू पाने की जद्दोजहद में जुटे हुए हैं। अब तक आग से एक बड़े क्षेत्रफल में खड़ी वन संपदा जल चुकी है। डीएफओ दीपचंद आर्य ने बताया कि टीम को मौके पर भेजा जा रहा है।
अब तक 44 जगहों पर लग चुकी है आग
कालसी भूमि संरक्षण वन प्रभाग और चकराता वन प्रभाग अंतर्गत इस फायर सीजन में अब तक करीब 44 जगहों पर आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। जिससे बड़े भूभाग की वन संपदा जल चुकी है। चकराता वन प्रभाग अंतर्गत 14 और कालसी भूमि संरक्षण वन प्रभाग क्षेत्र अंतर्गत 28 जगहों पर आग लगने घटनाएं हो चुकी हैं।