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एसआरएचयू और आईबीएस में अकादमिक करार
Updated Mon, 28 May 2018 01:44 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला,डोईवाला।
स्वामीराम हिमालयन यूनिवर्सिटी (एसआरएचयू) जौलीग्रांट से बीटेक करने वाले छात्रों को यूनिवर्सिटी के साथ कंप्यूटर निर्माण के क्षेत्र की दिग्गज कंपनी इंटरनेशनल बिजनेस मशीन (आईबीएस) से सर्टिफाइड डिग्री मिलेगी। दोनों के बीच इस संबंध में अकादमिक करार हुई है। इसका लाभ विश्वविद्यालय से पढ़ने वाले छात्रों को जॉब प्लेसमेंट में भी मिलेगा। रिसर्च, कंप्यूटर सांइस और इंफोरमेशन टेक्नालाजी के क्षेत्र में उत्थान के लिए एसआरएचयू और आईबीएस ने एक दूसरे का हाथ पकड़ा है। यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम में प्रति कुलपति डॉ. विजेंद्र चौहान ने कहा कि हम अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं।
संस्थान का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में सुधार लाना है। वैज्ञानिक क्षेत्रों में रिसर्च के लिए एसआरएचयू को जीवंत संस्थान बनाने का प्रयास किया जा रहा है। आईबीएम के सहयोग से इन कामों को और गति मिलेगी। आईबीएम के सलाहकार संजीव मेहता और बिजनेस लीडर हरि रामासुब्रामण्यम ने शिक्षा और तकनीकी के क्षेत्र में आईबीएम के योगदान की जानकारी दी। कहा कि आईबीएम विद्यार्थियों को उद्योग की मांग के अनुसार व्यवसायिक रूप से तैयार करता है। विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं के जिज्ञासा भरे सवालों के जवाब भी दिए। इस दौरान डीन डॉ. आरसी रमोला, अनुभा नागलिया आदि तमाम लोग मौजूद रहे थे।
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स्वामीराम हिमालयन यूनिवर्सिटी (एसआरएचयू) जौलीग्रांट से बीटेक करने वाले छात्रों को यूनिवर्सिटी के साथ कंप्यूटर निर्माण के क्षेत्र की दिग्गज कंपनी इंटरनेशनल बिजनेस मशीन (आईबीएस) से सर्टिफाइड डिग्री मिलेगी। दोनों के बीच इस संबंध में अकादमिक करार हुई है। इसका लाभ विश्वविद्यालय से पढ़ने वाले छात्रों को जॉब प्लेसमेंट में भी मिलेगा। रिसर्च, कंप्यूटर सांइस और इंफोरमेशन टेक्नालाजी के क्षेत्र में उत्थान के लिए एसआरएचयू और आईबीएस ने एक दूसरे का हाथ पकड़ा है। यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम में प्रति कुलपति डॉ. विजेंद्र चौहान ने कहा कि हम अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं।
संस्थान का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में सुधार लाना है। वैज्ञानिक क्षेत्रों में रिसर्च के लिए एसआरएचयू को जीवंत संस्थान बनाने का प्रयास किया जा रहा है। आईबीएम के सहयोग से इन कामों को और गति मिलेगी। आईबीएम के सलाहकार संजीव मेहता और बिजनेस लीडर हरि रामासुब्रामण्यम ने शिक्षा और तकनीकी के क्षेत्र में आईबीएम के योगदान की जानकारी दी। कहा कि आईबीएम विद्यार्थियों को उद्योग की मांग के अनुसार व्यवसायिक रूप से तैयार करता है। विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं के जिज्ञासा भरे सवालों के जवाब भी दिए। इस दौरान डीन डॉ. आरसी रमोला, अनुभा नागलिया आदि तमाम लोग मौजूद रहे थे।
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