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गढ़वाल विवि की लापरवाही : परीक्षा केंद्र से बैरंग लौटे छात्र
Updated Fri, 25 May 2018 10:52 PM IST
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श्रीनगर। गढ़वाल विवि की लापरवाही के कारण इंग्लिश मीडियम के छात्रों ने तो परीक्षा दी, लेकिन हिंदी मीडियम के छात्रों को बैरंग लौटना पड़ा। विवि की इस लापरवाही से छात्रों में आक्रोश है।
शुक्रवार को गढ़वाल विवि के मास कॉम द्वितीय सेेमेस्टर की भाषा का पेपर होना था। छात्र परीक्षा देने तो पहुंचे, लेकिन प्रश्न पत्र नहीं मिलने से लौट गए। दरअसल, छात्रों ने हिंदी व अंग्रेजी भाषा के विकल्प भरे थे। शाम 3 से 6 बजे की पाली में आयोजित होने वाले इस प्रश्न पत्र की परीक्षा के लिए छात्र बिड़ला परिसर स्थित परीक्षा केंद्र पर पहुंचे, तो पता चला कि हिंदी भाषा का पेपर छपा ही नहीं है। इससे हिंदी भाषा का विकल्प भरने वाले करीब 12 छात्रों को बिना परीक्षा दिए लौटना पड़ा। जबकि अंग्रेजी भाषा का विकल्प भरने वाले छात्रों ने परीक्षा दी। विवि की इस लापरवाही पर छात्रों ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। छात्र कनिष्क ने कहा कि उन्हीं की कक्षा के आधे छात्र जिन्होंने अंग्रेजी विकल्प भरा था, वह परीक्षा दे चुके हैं। जबकि हम परीक्षा से वंचित रह गए हैं। वहीं अब विवि प्रशासन ने परीक्षा से वंचित छात्रों की परीक्षा दोबारा कराने की बात कही है।
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पहली बार छात्रों ने भाषा प्रश्न पत्र के तहत हिंदी का विकल्प भरा था, लेकिन परीक्षा अनुभाग को इस संबंध में सूचित नहीं किया गया। इस कारण हिंदी के प्रश्न पत्र नहीं छपाए गए। प्रो. भट्ट ने कहा कि इन छात्रों की परीक्षा दुबारा आयोजित कराई जाएगी।
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प्रो. आरसी भट्ट, विवि के परीक्षा नियंत्रक
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शुक्रवार को गढ़वाल विवि के मास कॉम द्वितीय सेेमेस्टर की भाषा का पेपर होना था। छात्र परीक्षा देने तो पहुंचे, लेकिन प्रश्न पत्र नहीं मिलने से लौट गए। दरअसल, छात्रों ने हिंदी व अंग्रेजी भाषा के विकल्प भरे थे। शाम 3 से 6 बजे की पाली में आयोजित होने वाले इस प्रश्न पत्र की परीक्षा के लिए छात्र बिड़ला परिसर स्थित परीक्षा केंद्र पर पहुंचे, तो पता चला कि हिंदी भाषा का पेपर छपा ही नहीं है। इससे हिंदी भाषा का विकल्प भरने वाले करीब 12 छात्रों को बिना परीक्षा दिए लौटना पड़ा। जबकि अंग्रेजी भाषा का विकल्प भरने वाले छात्रों ने परीक्षा दी। विवि की इस लापरवाही पर छात्रों ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। छात्र कनिष्क ने कहा कि उन्हीं की कक्षा के आधे छात्र जिन्होंने अंग्रेजी विकल्प भरा था, वह परीक्षा दे चुके हैं। जबकि हम परीक्षा से वंचित रह गए हैं। वहीं अब विवि प्रशासन ने परीक्षा से वंचित छात्रों की परीक्षा दोबारा कराने की बात कही है।
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पहली बार छात्रों ने भाषा प्रश्न पत्र के तहत हिंदी का विकल्प भरा था, लेकिन परीक्षा अनुभाग को इस संबंध में सूचित नहीं किया गया। इस कारण हिंदी के प्रश्न पत्र नहीं छपाए गए। प्रो. भट्ट ने कहा कि इन छात्रों की परीक्षा दुबारा आयोजित कराई जाएगी।
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प्रो. आरसी भट्ट, विवि के परीक्षा नियंत्रक