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गढ़वाल विवि का एक और कारनामा
Updated Wed, 23 May 2018 10:53 PM IST
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श्रीनगर। गढ़वाल विवि का एक और कारनामा उजागर हुआ है। विवि के सिविल इंजीनियरिंग व रखरखाव विभाग ने विवि के पुराने कैश काउंटर व बैंक परिसर के मरम्मतीकरण के लिए टेंडर जारी किया है, जबकि इस ब्लाक के मरम्मतीकरण का कार्य लगभग आधा पूरा हो चुका है। वहीं इस संबंध में विवि के कुलसचिव का कहना है कि कौन क्या कर रहा है, मुझे नहीं मालूम, जो कर रहा है, उसी से पूछो।
गढ़वाल विवि के सिविल इंजीनियरिग व रखरखाव विभाग का कारनामा चर्चाओं में है। उक्त विभाग ने 21 मई को एक टेंडर जारी किया है। इसमें विवि के पुराने कैश काउंटर व बैंक परिसर (पुराना) का मरम्मतीकरण के लिए विवि में पंजीकृत ठेकेदारों से निविदा मांगी गई है। वहीं विवि के कुछ कर्मचारियों का कहना है कि जिस कार्य के लिए निविदा मांगी गई है, वह आधा पूरा हो चुका है। यहां बता दें कि निविदा में विवि के कुलसचिव डा. एके झा के हस्ताक्षर हैं। बावजूद इसके कुलसचिव का कहना है कि इस संबंध में उन्हें जानकारी नहीं है।
विवि के अमीन संतोष ममगाईं ने कहा कि बिना टेंडर जारी किए उक्त कार्य को एक फर्म से कराया जा रहा है, जबकि विवि में पंजीकृत अन्य फर्मों को धोखे में रखने के लिए आधा कार्य पूरा होने के बाद निविदा जारी की जा रही है। वहीं विवि के अधिशासी अभियंता विजयानंद बहुगुणा ने कहा कि अभी कार्य शुरू नहीं हुआ है। पुराने कैश काउंटर पर केवल रंग-रोगन का कार्य किया गया है, जबकि पुराने बैंक परिसर का मरम्मतीकरण कार्य निविदा जारी होने के बाद किया जाएगा।
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मरम्मतीकरण का कार्य पूरा होने के बाद टेंडर जारी करना सार्वजनिक धोखाधड़ी है। सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामला डाल दिया गया है।
-संतोष ममगाईं, अमीन गढ़वाल विवि।
--कौन क्या कर रहा है, मुझे नहीं मालूम। जो कर रहा है उसी से पूछो।
-डा. एके झा, कुलसचिव, गढ़वाल विवि।
गढ़वाल विवि के सिविल इंजीनियरिग व रखरखाव विभाग का कारनामा चर्चाओं में है। उक्त विभाग ने 21 मई को एक टेंडर जारी किया है। इसमें विवि के पुराने कैश काउंटर व बैंक परिसर (पुराना) का मरम्मतीकरण के लिए विवि में पंजीकृत ठेकेदारों से निविदा मांगी गई है। वहीं विवि के कुछ कर्मचारियों का कहना है कि जिस कार्य के लिए निविदा मांगी गई है, वह आधा पूरा हो चुका है। यहां बता दें कि निविदा में विवि के कुलसचिव डा. एके झा के हस्ताक्षर हैं। बावजूद इसके कुलसचिव का कहना है कि इस संबंध में उन्हें जानकारी नहीं है।
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विवि के अमीन संतोष ममगाईं ने कहा कि बिना टेंडर जारी किए उक्त कार्य को एक फर्म से कराया जा रहा है, जबकि विवि में पंजीकृत अन्य फर्मों को धोखे में रखने के लिए आधा कार्य पूरा होने के बाद निविदा जारी की जा रही है। वहीं विवि के अधिशासी अभियंता विजयानंद बहुगुणा ने कहा कि अभी कार्य शुरू नहीं हुआ है। पुराने कैश काउंटर पर केवल रंग-रोगन का कार्य किया गया है, जबकि पुराने बैंक परिसर का मरम्मतीकरण कार्य निविदा जारी होने के बाद किया जाएगा।
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मरम्मतीकरण का कार्य पूरा होने के बाद टेंडर जारी करना सार्वजनिक धोखाधड़ी है। सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामला डाल दिया गया है।
-संतोष ममगाईं, अमीन गढ़वाल विवि।
--कौन क्या कर रहा है, मुझे नहीं मालूम। जो कर रहा है उसी से पूछो।
-डा. एके झा, कुलसचिव, गढ़वाल विवि।