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एक साल से नदारद चल रही डॉक्टर
Updated Sat, 19 May 2018 02:28 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/चकराता।
राजकीय एलोपैथिक अस्पताल मयरावना में तैनात डॉक्टर पिछले एक साल से नदारद चल रही हैं। अस्पताल की जिम्मेदारी फॉर्मासिस्ट के भरोस हैं। उनके छुट्टी पर जाते ही अस्पताल में ताला लटक जाता है।
एक वर्ष पूर्व राजकीय एलोपैथिक अस्पताल में चिकित्सक की तैनाती की गई। लेकिन ज्वाइनिंग के बाद चिकित्सक ने अस्पताल की ओर पलट कर नहीं देखा। जिसके बाद से पूरा अस्पताल फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है। अस्पताल में डॉक्टर के न होने से लोगों को इलाज के लिए 30 किमी दूर सीएचसी चकराता की दौड़ लगानी पड़ती है। अस्पताल से मयरावना, रावना, पाटी, बुरास्वा, मेपावटा, टुंगरोली, सेतोली समेत 14 गांवो की आबादी जुड़ी है।
ग्रामीण दौलत रावत, मनमोहन, नरेंद्र रावत, टीकाराम, केशर दास, भगत राम, सुनील जोशी, सरदार सिंह आदि का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की हीलाहवाली का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। शिकायत के बाद भी अब तक डॉक्टर अस्पताल नहीं लौटी है। हर बार विभाग कार्यवाही की बात कहकर बात को टाल दिया जता है उन्होंने वैकल्पिक व्यवस्था के अस्पताल में दूसरे डॉक्टर की तैनाती की मांग की। उधर, सीएमओ डॉ. वाई एस थपलियाल ने बताया कि मामले में सीएचसी चकराता के प्रभारी चिकित्साधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है।
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राजकीय एलोपैथिक अस्पताल मयरावना में तैनात डॉक्टर पिछले एक साल से नदारद चल रही हैं। अस्पताल की जिम्मेदारी फॉर्मासिस्ट के भरोस हैं। उनके छुट्टी पर जाते ही अस्पताल में ताला लटक जाता है।
एक वर्ष पूर्व राजकीय एलोपैथिक अस्पताल में चिकित्सक की तैनाती की गई। लेकिन ज्वाइनिंग के बाद चिकित्सक ने अस्पताल की ओर पलट कर नहीं देखा। जिसके बाद से पूरा अस्पताल फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है। अस्पताल में डॉक्टर के न होने से लोगों को इलाज के लिए 30 किमी दूर सीएचसी चकराता की दौड़ लगानी पड़ती है। अस्पताल से मयरावना, रावना, पाटी, बुरास्वा, मेपावटा, टुंगरोली, सेतोली समेत 14 गांवो की आबादी जुड़ी है।
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ग्रामीण दौलत रावत, मनमोहन, नरेंद्र रावत, टीकाराम, केशर दास, भगत राम, सुनील जोशी, सरदार सिंह आदि का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की हीलाहवाली का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। शिकायत के बाद भी अब तक डॉक्टर अस्पताल नहीं लौटी है। हर बार विभाग कार्यवाही की बात कहकर बात को टाल दिया जता है उन्होंने वैकल्पिक व्यवस्था के अस्पताल में दूसरे डॉक्टर की तैनाती की मांग की। उधर, सीएमओ डॉ. वाई एस थपलियाल ने बताया कि मामले में सीएचसी चकराता के प्रभारी चिकित्साधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है।
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