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कांडोई पहुंची शिलगूर महाराज की पालकी
Updated Sun, 13 May 2018 02:36 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर/त्यूनी।
खत कांडोई बौंदूर के कांडोई गांव से हिमाचल प्रदेश के चूड़ाधार में शाही स्नान के लिए गई शिलगूर देवता की पालकी तीन दिन की यात्रा के बाद शनिवार को वापस मंदिर में पहुंच गई। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर देव उद्घोष से गूंज उठा। लोगों ने देवता के सम्मान में नृत्य की प्रस्तुति दी। देव पालकी को कंधा देने के लिए लोग आतुर नजर आए। देव पालकी लाखामंडल, लावड़ी, छुल्टाड़, छौटाड़, भटाड़, चामा, कांडी, गोठाड, म्यूंडा होते हुए वापस कांडोई गांव पहुंची। इस मौके पर भंडारे का भी आयोजन किया गया। जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोगों ने प्रसाद गृहण किया। शाम चार बजे देव पालकी ने मंदिर के गृभ गृह में प्रवेश किया। इस मौके पर स्याणा सूरत सिंह, विरेंद्र, आनंद सिंह, रूप सिंह चौहान, डब्ल्यू आर्य, बचना शर्मा, राम प्रसाद सेमवाल, बाबूराम शर्मा आदि मौजूद रहे।
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खत कांडोई बौंदूर के कांडोई गांव से हिमाचल प्रदेश के चूड़ाधार में शाही स्नान के लिए गई शिलगूर देवता की पालकी तीन दिन की यात्रा के बाद शनिवार को वापस मंदिर में पहुंच गई। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर देव उद्घोष से गूंज उठा। लोगों ने देवता के सम्मान में नृत्य की प्रस्तुति दी। देव पालकी को कंधा देने के लिए लोग आतुर नजर आए। देव पालकी लाखामंडल, लावड़ी, छुल्टाड़, छौटाड़, भटाड़, चामा, कांडी, गोठाड, म्यूंडा होते हुए वापस कांडोई गांव पहुंची। इस मौके पर भंडारे का भी आयोजन किया गया। जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोगों ने प्रसाद गृहण किया। शाम चार बजे देव पालकी ने मंदिर के गृभ गृह में प्रवेश किया। इस मौके पर स्याणा सूरत सिंह, विरेंद्र, आनंद सिंह, रूप सिंह चौहान, डब्ल्यू आर्य, बचना शर्मा, राम प्रसाद सेमवाल, बाबूराम शर्मा आदि मौजूद रहे।