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नवनिर्मित मंदिर में किया रुद्रेश्वर महाराज ने प्रवेश
Updated Wed, 09 May 2018 02:00 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर/त्यूनी।
बौंदूर खत के लावड़ी गांव में नवनिर्मित मंदिर के गृभगृह में मंगलवार को भगवान रुद्रेश्वर महाराज ने प्रवेश किया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में लोगों ने देव दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। ढोल-दमाऊ की थाप पर लोगों ने देव आराधना की। देव पालकी पर फूलों और चावलों की बारिश की गई। बड़ी संख्या में लोगों ने भंडारे में प्रसाद गृहण किया।
करीब तीन साल के इंतजार के बाद लावड़ी गांव में बने इस मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण हो सका है। प्रकाष्ठ से बना यह मंदिर पारंपरिक भारतीय शैली का बेजोड़ नमूना है। शाम ढलते ही पूरा मंदिर परिसर रोशनी से जगमगा उठा। मंदिर का फूल-मालाओं से श्रृंगार किया गया। इससे पहले तीन दिन पूर्व देव पालकी को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में शाही स्नान के लिए ले जाया गया। इस मंदिर के प्रति खत के 24 गांव की अगाध श्रद्धा है। समाज सेवी बाबूराम शर्मा ने बताया कि इस मंदिर का निर्माण कार्य कई सदी पूर्व किया गया था।
इस मौके पर बजीर सूरत सिंह राणा, प्रधान दिनेश पंवार, राकेश वर्मा, जयेंद्र पंवार, सुरेश पंवार, छोटू, श्रीचंद, मुकेश पंवार, नीटू, सरदार सिंह आदि मौजूद रहे।
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बौंदूर खत के लावड़ी गांव में नवनिर्मित मंदिर के गृभगृह में मंगलवार को भगवान रुद्रेश्वर महाराज ने प्रवेश किया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में लोगों ने देव दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। ढोल-दमाऊ की थाप पर लोगों ने देव आराधना की। देव पालकी पर फूलों और चावलों की बारिश की गई। बड़ी संख्या में लोगों ने भंडारे में प्रसाद गृहण किया।
करीब तीन साल के इंतजार के बाद लावड़ी गांव में बने इस मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण हो सका है। प्रकाष्ठ से बना यह मंदिर पारंपरिक भारतीय शैली का बेजोड़ नमूना है। शाम ढलते ही पूरा मंदिर परिसर रोशनी से जगमगा उठा। मंदिर का फूल-मालाओं से श्रृंगार किया गया। इससे पहले तीन दिन पूर्व देव पालकी को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में शाही स्नान के लिए ले जाया गया। इस मंदिर के प्रति खत के 24 गांव की अगाध श्रद्धा है। समाज सेवी बाबूराम शर्मा ने बताया कि इस मंदिर का निर्माण कार्य कई सदी पूर्व किया गया था।
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इस मौके पर बजीर सूरत सिंह राणा, प्रधान दिनेश पंवार, राकेश वर्मा, जयेंद्र पंवार, सुरेश पंवार, छोटू, श्रीचंद, मुकेश पंवार, नीटू, सरदार सिंह आदि मौजूद रहे।
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