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ोस्टमार्टम को लेकर अस्पताल में हंगामा
Updated Mon, 07 May 2018 10:56 PM IST
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गैरसैंण। अस्पताल में उपचार के लिए लाई गई महिला की मौत के बाद शव का पोस्टमार्टम किए जाने को लेकर हंगामा हो गया। अस्पताल प्रबंधन की ओर से नियमानुसार शव का पोस्टमार्टम किया जाना जरूरी बताते हुए पुलिस को सूचना दी, जिस पर परिजन भड़क गए और पुलिस व अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। हालांकि बाद में पुलिस अधिकारियों द्वारा समझाने के बाद मामला शांत हुआ।
सोमवार को सुबह करीब दस बजे कुणीखेत गांव भागीरथी देवी (54) को उसके ग्रामीण और परिजन बीमार हालात में सीएचसी लाए, जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। सीएचसी के चिकित्सक ने बताया कि संभवत महिला की मौत अस्पताल के नजदीक पहुंचने पर हो गई थी। पुलिस के पहुंचने पर अस्पताल में शव का पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए कहा गया, लेकिन महिला के परिजनों ने इनकार कर यिा। अस्पताल प्रबंधन ने पोस्टमार्टम जरूरी बताया, जिससे मृतका के परिजन मनोज सिंह, दिनेश सिंह, मदन सिंह, माधो सिंह भड़क गए। परिजनों के साथ अस्पताल पहुंचे कुंवर सिंह बिष्ट, मूसों के प्रधान वीरेंद्र लाल, केएन जुयाल, पीएस नेगी, वीपी काला, एम देवली ने कहा कि मृतका के परिवार की आर्थिक स्थिति सही नहीं होने की वजह से परिजन पोस्टमार्टम किए जाने से मना कर रहे हैं, लेकिन पुलिस और अस्पताल प्रबंधन मान नहीं रहा है। परिजन मामले को लेकर एसडीएम के पास गए, तो उन्होंने भी पुलिस व अस्पताल प्रबंधन का मामला बताकर पल्ला झाड़ दिया। बाद में पुलिस उपनिरीक्षक विजय प्रकाश, चिकित्साधीक्षक डा. मनीभूूषण पंत ने ग्रामीणों को समझाया, जिसके बाद ग्रामीण माने और शव को पीएम के लिए भेज दिया।
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सोमवार को सुबह करीब दस बजे कुणीखेत गांव भागीरथी देवी (54) को उसके ग्रामीण और परिजन बीमार हालात में सीएचसी लाए, जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। सीएचसी के चिकित्सक ने बताया कि संभवत महिला की मौत अस्पताल के नजदीक पहुंचने पर हो गई थी। पुलिस के पहुंचने पर अस्पताल में शव का पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए कहा गया, लेकिन महिला के परिजनों ने इनकार कर यिा। अस्पताल प्रबंधन ने पोस्टमार्टम जरूरी बताया, जिससे मृतका के परिजन मनोज सिंह, दिनेश सिंह, मदन सिंह, माधो सिंह भड़क गए। परिजनों के साथ अस्पताल पहुंचे कुंवर सिंह बिष्ट, मूसों के प्रधान वीरेंद्र लाल, केएन जुयाल, पीएस नेगी, वीपी काला, एम देवली ने कहा कि मृतका के परिवार की आर्थिक स्थिति सही नहीं होने की वजह से परिजन पोस्टमार्टम किए जाने से मना कर रहे हैं, लेकिन पुलिस और अस्पताल प्रबंधन मान नहीं रहा है। परिजन मामले को लेकर एसडीएम के पास गए, तो उन्होंने भी पुलिस व अस्पताल प्रबंधन का मामला बताकर पल्ला झाड़ दिया। बाद में पुलिस उपनिरीक्षक विजय प्रकाश, चिकित्साधीक्षक डा. मनीभूूषण पंत ने ग्रामीणों को समझाया, जिसके बाद ग्रामीण माने और शव को पीएम के लिए भेज दिया।
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