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बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान
Updated Sun, 06 May 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/त्यूनी/साहिया।
जौनसार बावर की पहाड़ियों पर मौसम के बदले मिजाज के बीच तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश और ओलावृष्टि हुई। जिससे फसलों को खासा नुकसान का अनुमान है। काश्तकारों के सामने आर्थिकी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने तहसील प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है। एक सप्ताह में यह तीसरी बार है जब ओलावृष्टि ने काश्तकारों की मेहनत पर पानी फेरा हो।
शनिवार की दोपहर बाद पहाड़ों पर अचानक मौसम करवट लेने लगा। आसमान में बादल छा गए। करीब चार बजे तेज हवाओं के साथ क्षेत्र में ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया। करीब 15 मिनट तक ओलावृष्टि के बाद बारिश शुरू हो गई। तेज हवाएं और ओलावृष्टि से गेहूं, जौ, चुल्लू, खुमानी, टमाटर, आलू, हरि मिर्च की फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचने का अनुमान है। क्षेत्र में बुरायला, जगथान, उदांवा, हाजा, दसऊ, गबेला, भुपोऊ, दोधा समेत 20 से अधिक गांवों में ओलावृष्टि हुई। स्थानीय निवासी काश्तकार आनंद शर्मा, दौलत सिंह चौहान, वीरेंद्र सिंह चौहान, बागवान और पूर्व जिला पंचायत सदस्य विजयपाल सिंह, संजय, मातवर आदि का कहना है कि ओलावृष्टि काश्तकारों की मेहनत को लील गई है। एक सप्ताह में तीन बार हुई ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। उधर, एसडीएम बृजेश कुमार तिवारी ने बताया कि तहसीलदार को क्षति पूर्ति का आंकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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जौनसार बावर की पहाड़ियों पर मौसम के बदले मिजाज के बीच तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश और ओलावृष्टि हुई। जिससे फसलों को खासा नुकसान का अनुमान है। काश्तकारों के सामने आर्थिकी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने तहसील प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है। एक सप्ताह में यह तीसरी बार है जब ओलावृष्टि ने काश्तकारों की मेहनत पर पानी फेरा हो।
शनिवार की दोपहर बाद पहाड़ों पर अचानक मौसम करवट लेने लगा। आसमान में बादल छा गए। करीब चार बजे तेज हवाओं के साथ क्षेत्र में ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया। करीब 15 मिनट तक ओलावृष्टि के बाद बारिश शुरू हो गई। तेज हवाएं और ओलावृष्टि से गेहूं, जौ, चुल्लू, खुमानी, टमाटर, आलू, हरि मिर्च की फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचने का अनुमान है। क्षेत्र में बुरायला, जगथान, उदांवा, हाजा, दसऊ, गबेला, भुपोऊ, दोधा समेत 20 से अधिक गांवों में ओलावृष्टि हुई। स्थानीय निवासी काश्तकार आनंद शर्मा, दौलत सिंह चौहान, वीरेंद्र सिंह चौहान, बागवान और पूर्व जिला पंचायत सदस्य विजयपाल सिंह, संजय, मातवर आदि का कहना है कि ओलावृष्टि काश्तकारों की मेहनत को लील गई है। एक सप्ताह में तीन बार हुई ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। उधर, एसडीएम बृजेश कुमार तिवारी ने बताया कि तहसीलदार को क्षति पूर्ति का आंकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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