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तहसीलदार ने किया खनन पट्टों का निरीक्षण
Updated Sat, 05 May 2018 10:28 PM IST
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श्रीनगर। अलकनंदा किनारे रीवर ट्रेनिंग के नाम पर स्वीकृत खनन पट्टों में मानकों का उल्लंघन कर किए जा रहे खनन पर तहसील प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। तहसील प्रशासन ने खनन पट्टों का औचक निरीक्षण कर मानकों का उल्लंघन न किए जाने के निर्देश दिए।
अलकनंदा किनारे रीवर ट्रेनिंग (नदी की धारा मोड़ने) के नाम पर श्रीकोट से बागवान तक करीब आधा दर्जन खनन पट्टे स्वीकृत हैं, लेकिन यहां खनन कारोबारी जमकर मानकों का उल्लंघन कर खनन कर रहे हैं। खनन कारोबारी रास्ता बनाने के नाम पर दिन दहाड़े जेसीबी मशीन से नदी खोद कर खनन कर रहे हैं। साथ ही तड़के सुबह से ही देर रात 12 बजे तक सड़कों पर खनन सामग्री से भरे वाहन दौड़ रहे हैं। अमर उजाला में 4 मई के अंक में अलकनंदा के किनारे चल रहा अवैध खनन शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशित होने पर हरकत में आए तहसील प्रशासन ने शनिवार को खनन पट्टों का औचक निरीक्षण किया। तहसीलदार सुनील राज ने बताया कि जेसीबी का प्रयोग केवल रास्ता बनाए जाने के लिए किया जा सकता है। रास्ता बनाए जाने के अतिरिक्त जेसीबी मशीन का प्रयोग नहीं किया जा सकता है। इस दौरान तहसीलदार ने मानकों का उल्लंघन न किए जाने के सख्त निर्देश भी दिए।
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अलकनंदा किनारे रीवर ट्रेनिंग (नदी की धारा मोड़ने) के नाम पर श्रीकोट से बागवान तक करीब आधा दर्जन खनन पट्टे स्वीकृत हैं, लेकिन यहां खनन कारोबारी जमकर मानकों का उल्लंघन कर खनन कर रहे हैं। खनन कारोबारी रास्ता बनाने के नाम पर दिन दहाड़े जेसीबी मशीन से नदी खोद कर खनन कर रहे हैं। साथ ही तड़के सुबह से ही देर रात 12 बजे तक सड़कों पर खनन सामग्री से भरे वाहन दौड़ रहे हैं। अमर उजाला में 4 मई के अंक में अलकनंदा के किनारे चल रहा अवैध खनन शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशित होने पर हरकत में आए तहसील प्रशासन ने शनिवार को खनन पट्टों का औचक निरीक्षण किया। तहसीलदार सुनील राज ने बताया कि जेसीबी का प्रयोग केवल रास्ता बनाए जाने के लिए किया जा सकता है। रास्ता बनाए जाने के अतिरिक्त जेसीबी मशीन का प्रयोग नहीं किया जा सकता है। इस दौरान तहसीलदार ने मानकों का उल्लंघन न किए जाने के सख्त निर्देश भी दिए।
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