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नदियां हैं हमारा इतिहास, वर्तमान और भविष्य
Updated Tue, 01 May 2018 11:00 PM IST
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देवप्रयाग। राजकीय महाविद्यालय देवप्रयाग में जैव विविधता संरक्षण पर आयोजित कार्यशाला में नदियों के संरक्षण पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि नदियां हमारा इतिहास, वर्तमान और भविष्य है।
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत राजकीय महाविद्यालय देवप्रयाग में जैव विविधता संरक्षण पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों को गंगा प्रहरी बनने के लिए प्रेरित किया गया। वन्यजीव संस्थान देहरादून की ओर से मंगलवार को आयोजित कार्यशाला में एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी डा. अशोक मेंदोला ने कहा कि नदियों के बिना जीवन संभव नही है। कहा कि हमें नही भुलाना चाहिए, कि नदियां हमारा इतिहास, वर्तमान और भविष्य होती हैं। अगर नदी मरी तो हमारा इतिहास, वर्तमान और भविष्य समाप्त हो जाएगा। कहा कि उत्तराखंड की भागीरथी, अलकनंदा आदि नदियां 25 प्रतिशत जल की आपूर्ति करती हैं। इसलिए उत्तराखंड को वाटर बैंक भी कहा जाता है। वन्यजीव संस्थान से जुड़े गंगा प्रहरी अरविंद ने कहा कि युवाओं को गंगा का महत्व समझना होगा। प्रीति ने कहा कि पौधरोपण कर हर छात्र छात्रा को पर्यावरण संरक्षण के लिये आगे आना होगा। इस मौके पर दीपक, मनीष, बलवंत, पंकज, शशिपाल, काजल, राधा आदि लोग मौजूद थे।
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राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत राजकीय महाविद्यालय देवप्रयाग में जैव विविधता संरक्षण पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों को गंगा प्रहरी बनने के लिए प्रेरित किया गया। वन्यजीव संस्थान देहरादून की ओर से मंगलवार को आयोजित कार्यशाला में एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी डा. अशोक मेंदोला ने कहा कि नदियों के बिना जीवन संभव नही है। कहा कि हमें नही भुलाना चाहिए, कि नदियां हमारा इतिहास, वर्तमान और भविष्य होती हैं। अगर नदी मरी तो हमारा इतिहास, वर्तमान और भविष्य समाप्त हो जाएगा। कहा कि उत्तराखंड की भागीरथी, अलकनंदा आदि नदियां 25 प्रतिशत जल की आपूर्ति करती हैं। इसलिए उत्तराखंड को वाटर बैंक भी कहा जाता है। वन्यजीव संस्थान से जुड़े गंगा प्रहरी अरविंद ने कहा कि युवाओं को गंगा का महत्व समझना होगा। प्रीति ने कहा कि पौधरोपण कर हर छात्र छात्रा को पर्यावरण संरक्षण के लिये आगे आना होगा। इस मौके पर दीपक, मनीष, बलवंत, पंकज, शशिपाल, काजल, राधा आदि लोग मौजूद थे।
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