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रेलवे परियोजना हेतु भूमि अधिग्रहण में है नौकरी का प्रावधान
Updated Thu, 26 Apr 2018 10:52 PM IST
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श्रीनगर। रेल मार्ग निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण पर रेलवे में प्रभावित परिवार के एक सदस्य को नौकरी मिलने का प्रावधान है। प्रभावित को इसके लिए अपना आवेदन स्थानीय विधायक/सांसद या किसी राजपत्रित अधिकारी से सत्यापित करवाने पड़ेंगे। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल मार्ग परियोजना प्रभावितों को यह जानकारी रेलवे बोर्ड से सूचना का अधिकार में मिली है।
बोर्ड से सूचना मिलने के बाद रेल लाइन संघर्ष समिति, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और आम आदमी पाटी ने संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित करते हुए आरवीएनएल (रेल विकास निगम लि.) और प्रशासन पर प्रभावितों को गुमराह करने का आरोप लगाया। कहा कि हर बैठक में प्रभावितों को यह बताया जाता है कि रेल लाइन प्रोजेक्ट में भूमि के बदले नौकरी नहीं मिल सकती है। आरटीआई में मिली जानकारी से खुलासा हुआ है कि रेलवे की विभिन्न परियोजनाओं में यदि निजी भूमि का अधिग्रहण किया जाता है तो रेल मंत्रालय विशेष अनुकंपा योजना के तहत संबंधित प्रभावित परिवार के एक सदस्य को नौकरी दे सकता है। यह प्रक्रिया डिवीजनल रेलवे मैनेजर के माध्यम से संपन्न होगी।
उन्होंने कहा कि रेल मंत्रालय का यह आदेश 16 जुलाई 2010 का है, लेकिन आरवीएनएल इस संबंध में चुप्पी साधे बैठा है। परियोजना से 5 जिलों के 45 गांवों के हजारों लोग प्रभावित हो रहे हैं।
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वक्ताओं ने बताया कि रोजगार के मसले पर सभी प्रभावित गांवों की श्रीनगर में महापंचायत होगी। महापंचायत के बाद श्रीकोट स्थित आरवीएनएल कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
प्रेसवार्ता में आप के विधान सभा प्रभारी नवीन नौटियाल, एबीवीपी के प्रदेश उपाध्यक्ष भान सिंह नेगी, ग्राम प्रधान जनासू सुरेंद्र लिंगवाल, बिड़ला परिसर के छात्र संघ उपाध्यक्ष अजय पुंडीर, विमल चौकियाल, योगेंद्र व राजेंद्र कुमार आदि शामिल थे।
बोर्ड से सूचना मिलने के बाद रेल लाइन संघर्ष समिति, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और आम आदमी पाटी ने संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित करते हुए आरवीएनएल (रेल विकास निगम लि.) और प्रशासन पर प्रभावितों को गुमराह करने का आरोप लगाया। कहा कि हर बैठक में प्रभावितों को यह बताया जाता है कि रेल लाइन प्रोजेक्ट में भूमि के बदले नौकरी नहीं मिल सकती है। आरटीआई में मिली जानकारी से खुलासा हुआ है कि रेलवे की विभिन्न परियोजनाओं में यदि निजी भूमि का अधिग्रहण किया जाता है तो रेल मंत्रालय विशेष अनुकंपा योजना के तहत संबंधित प्रभावित परिवार के एक सदस्य को नौकरी दे सकता है। यह प्रक्रिया डिवीजनल रेलवे मैनेजर के माध्यम से संपन्न होगी।
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उन्होंने कहा कि रेल मंत्रालय का यह आदेश 16 जुलाई 2010 का है, लेकिन आरवीएनएल इस संबंध में चुप्पी साधे बैठा है। परियोजना से 5 जिलों के 45 गांवों के हजारों लोग प्रभावित हो रहे हैं।
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वक्ताओं ने बताया कि रोजगार के मसले पर सभी प्रभावित गांवों की श्रीनगर में महापंचायत होगी। महापंचायत के बाद श्रीकोट स्थित आरवीएनएल कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
प्रेसवार्ता में आप के विधान सभा प्रभारी नवीन नौटियाल, एबीवीपी के प्रदेश उपाध्यक्ष भान सिंह नेगी, ग्राम प्रधान जनासू सुरेंद्र लिंगवाल, बिड़ला परिसर के छात्र संघ उपाध्यक्ष अजय पुंडीर, विमल चौकियाल, योगेंद्र व राजेंद्र कुमार आदि शामिल थे।