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जलकलश यात्रा निकाली, संगम पर की पूजा अर्चना
Updated Tue, 24 Apr 2018 10:40 PM IST
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कर्णप्रयाग। नगर के सुभाषनगर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन जल कलश यात्रा निकाली गई। इस दौरान आयोजकों ने व्यास के संगम स्नान करने के बाद संगम पर पूजा की। इस दौरान कथा श्रवण करने के श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
सुभाषनगर में आयोजित कथा के दौरान आचार्य व्यास सुनील खंडूड़ी ने कहा कि पृथ्वीलोक पर ही पाप और पुण्य का आकलन होता है। मनुष्य को चाहिए की पुण्य कर सत्मार्ग अपनाए, जिससे पृथ्वी पर जीवन आसान हो। उन्होंने मनुष्य को आपसी द्वेष भावना से दूर रहकर इंसानियत और धर्म का मार्ग चुनने के लिए कहा। इससे पूर्व आयोजकों ने पिंडर और अलकनंदा के संगम पर आचार्य व्यास का स्नान कराया। महिलाओं ने संगम से सुभाषनगर तक जल कलश यात्रा निकाली। इस दौरान चंडी प्रसाद बेंजवाल, खीमानंद सती, जगदंबा प्रसाद, आरएस भंडारी, वीरेंद्र सिंह, धीरेंद्र सिंह, शंभू प्रसाद, वार्ड सभासद उषा सती, कमला सती, अंजू रतूड़ी और आरती रावत सहित कई लोग मौजूद थे।
सुभाषनगर में आयोजित कथा के दौरान आचार्य व्यास सुनील खंडूड़ी ने कहा कि पृथ्वीलोक पर ही पाप और पुण्य का आकलन होता है। मनुष्य को चाहिए की पुण्य कर सत्मार्ग अपनाए, जिससे पृथ्वी पर जीवन आसान हो। उन्होंने मनुष्य को आपसी द्वेष भावना से दूर रहकर इंसानियत और धर्म का मार्ग चुनने के लिए कहा। इससे पूर्व आयोजकों ने पिंडर और अलकनंदा के संगम पर आचार्य व्यास का स्नान कराया। महिलाओं ने संगम से सुभाषनगर तक जल कलश यात्रा निकाली। इस दौरान चंडी प्रसाद बेंजवाल, खीमानंद सती, जगदंबा प्रसाद, आरएस भंडारी, वीरेंद्र सिंह, धीरेंद्र सिंह, शंभू प्रसाद, वार्ड सभासद उषा सती, कमला सती, अंजू रतूड़ी और आरती रावत सहित कई लोग मौजूद थे।
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