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ट्राली ठप, लकड़ी की पुलिया से कर रहे हैं आवाजाही
Updated Tue, 24 Apr 2018 10:40 PM IST
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देवाल। ब्लाक के बोरागाड़ में लगी हाइड्रोलिक ट्रॉली छह माह से ठप पड़ी है। ऐसे में लोगों को बनाई लकड़ी की अस्थायी पुलिया से आवाजाही करनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी में पानी बढ़ने पर आवाजाही ठप हो जाती है साथ ही पुलिया बहने का भी डर बना रहा है। कहा कि यदि बरसात से पहले ट्रॉली ठीक नहंी की गई तो करीब आठ से अधिक गांवों का आवागमन ठप हो जाएगा।
ब्लाक के बोरागाड़ में वर्ष 2013 की आपदा में पिंडर नदी पर बना झूला पुल बह गया था। इससे क्षेत्र के ओडर, लिंगड़ी, हड़ाप, बजई सहित आठ से अधिक गांवों का आवागमन ठप हो गया था। जनवरी 2015 में विभाग ने यहां करीब 32 लाख की हाइड्रोलिक ट्रॉली लगाई, लेकिन छह माह से ट्राली ठप पड़ी है। राजेंद्र सिंह, पूर्व प्रधान आरएस भंडारी, खिलाफ सिंह आदि का कहना है कि संबंधित गांवों का एक मात्र इंटर कालेज, डाकघर, अस्पताल और बाजार नदी के दूसरे किनारे बोरागाड़ है। ट्राली ठप होने पर ग्रामीणों ने खुद लकड़ी की बल्लियां डालकर अस्थायी पुलिया बनाई, जिससे आवागमन हो रहा है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी, लोनिवि और तहसील प्रशासन से बरसात से पहले ट्राली को ठीक करने की मांग की। इधर लोनिवि थराली के ईई विजय कुमार ने बताया कि ट्रॉली में आई तकनीकी खराबी को जल्द दूर किया जाएगा।
ब्लाक के बोरागाड़ में वर्ष 2013 की आपदा में पिंडर नदी पर बना झूला पुल बह गया था। इससे क्षेत्र के ओडर, लिंगड़ी, हड़ाप, बजई सहित आठ से अधिक गांवों का आवागमन ठप हो गया था। जनवरी 2015 में विभाग ने यहां करीब 32 लाख की हाइड्रोलिक ट्रॉली लगाई, लेकिन छह माह से ट्राली ठप पड़ी है। राजेंद्र सिंह, पूर्व प्रधान आरएस भंडारी, खिलाफ सिंह आदि का कहना है कि संबंधित गांवों का एक मात्र इंटर कालेज, डाकघर, अस्पताल और बाजार नदी के दूसरे किनारे बोरागाड़ है। ट्राली ठप होने पर ग्रामीणों ने खुद लकड़ी की बल्लियां डालकर अस्थायी पुलिया बनाई, जिससे आवागमन हो रहा है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी, लोनिवि और तहसील प्रशासन से बरसात से पहले ट्राली को ठीक करने की मांग की। इधर लोनिवि थराली के ईई विजय कुमार ने बताया कि ट्रॉली में आई तकनीकी खराबी को जल्द दूर किया जाएगा।
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