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वनभूमि पर काबिज लोगों क्यों जारी किया नोटिस
Updated Tue, 24 Apr 2018 02:32 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश।
ग्रामसभा ऋषिकेश के अंतर्गत वन भूमि पर काबिज वार्डों में हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) की सीलिंग और नोटिस की कार्रवाई पर स्थानीय लोग बिफर गए। उन्होंने हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण की कार्रवाई को नाजायज ठहराते हुए आशुतोष नगर ऋषिलोक कॉलोनी स्थित कार्यालय में जमकर हंगामा काटा। ग्रामीणों का सवाल था कि आखिर किस अधिकार के तहत प्राधिकरण ने व्यावसायिक इमारतों और दुकानों को सील किया है।
सोमवार को ग्राम प्रधान अनीता असवाल की अगुवाई में दर्जनों ग्रामीण आशुतोष नगर स्थित एचआरडीए के कार्यालय में पहुंचे। उन्होंने अवर अभियंता बलराम सिंह से मुलाकात कर उनसे वन भूमि पर काबिज पंचायत के वार्डों में दो व्यावसायिक भवनों और पांच दुकानों को सील करने के बाबत बातचीत की। इस दौरान अवर अभियंता के सही जवाब नहीं देने पर ग्रामीण उखड़ गए। उन्होंने कार्यालय में हंगामा करते हुए कहा कि वह वन भूमि पर काबिज हैं। लिहाजा, उनके भवनों का मानचित्र कैसे बनाया और स्वीकृत किया जा सकता है।
अमितग्राम और अन्य वार्डों में करीब सात लोगों को बिना किसी निर्माण कार्य के नोटिस जारी करने पर भी ग्रामीणों ने आक्रोश जताया। प्रधान अनीता असवाल ने बताया कि प्राधिकरण स्थानीय ग्रामीणों को बेवजह परेशान कर रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्राधिकरण द्वारा दोबारा ऐसा करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रदर्शनकारियों में गिरीश कोठारी, संजीव चौधरी, राजेंद्र सिंह लोधी, कमल असवाल, महावीर चौधरी, नवीन भट्ट, भगवती प्रसाद शर्मा, सुरेंद्र शर्मा आदि मौजूद थे।
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ग्रामसभा ऋषिकेश के अंतर्गत वन भूमि पर काबिज वार्डों में हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) की सीलिंग और नोटिस की कार्रवाई पर स्थानीय लोग बिफर गए। उन्होंने हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण की कार्रवाई को नाजायज ठहराते हुए आशुतोष नगर ऋषिलोक कॉलोनी स्थित कार्यालय में जमकर हंगामा काटा। ग्रामीणों का सवाल था कि आखिर किस अधिकार के तहत प्राधिकरण ने व्यावसायिक इमारतों और दुकानों को सील किया है।
सोमवार को ग्राम प्रधान अनीता असवाल की अगुवाई में दर्जनों ग्रामीण आशुतोष नगर स्थित एचआरडीए के कार्यालय में पहुंचे। उन्होंने अवर अभियंता बलराम सिंह से मुलाकात कर उनसे वन भूमि पर काबिज पंचायत के वार्डों में दो व्यावसायिक भवनों और पांच दुकानों को सील करने के बाबत बातचीत की। इस दौरान अवर अभियंता के सही जवाब नहीं देने पर ग्रामीण उखड़ गए। उन्होंने कार्यालय में हंगामा करते हुए कहा कि वह वन भूमि पर काबिज हैं। लिहाजा, उनके भवनों का मानचित्र कैसे बनाया और स्वीकृत किया जा सकता है।
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अमितग्राम और अन्य वार्डों में करीब सात लोगों को बिना किसी निर्माण कार्य के नोटिस जारी करने पर भी ग्रामीणों ने आक्रोश जताया। प्रधान अनीता असवाल ने बताया कि प्राधिकरण स्थानीय ग्रामीणों को बेवजह परेशान कर रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्राधिकरण द्वारा दोबारा ऐसा करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रदर्शनकारियों में गिरीश कोठारी, संजीव चौधरी, राजेंद्र सिंह लोधी, कमल असवाल, महावीर चौधरी, नवीन भट्ट, भगवती प्रसाद शर्मा, सुरेंद्र शर्मा आदि मौजूद थे।
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