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एक माह से अलसी गांव में पानी का संकट
Updated Tue, 24 Apr 2018 02:32 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/साहिया।
पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से कालसी के अलसी गांव में पानी का संकट बना हुआ है। नलों में बूंद-बूंद पानी आ रहा है। ऐसे में लोग एक किमी दूर स्थित पनियार खड्ड से पानी ढोना पड़ता है। लोगों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी विभाग क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की मरम्मत नहीं करा रहा है।
वर्ष 1977 में जल संस्थान ने इनारी खड्ड से गांव के लिए छह किमी लंबी पेयजल लाइन का निर्माण किया। जिसके बाद लाइन की मरम्मत
के नाम ढेला तक खर्च नहीं किया गया। जिसके चलते जगह-जगह लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। जलस्रोत में भी पानी का स्तर घटने लगा है। ऐसे में लो प्रेशर के चलते अब पेयजल लाइन में पानी नहीं चढ़ पा रहा है। गांव में 29 परिवार निवास करते हैं। ग्रामीण परम सिंह बिष्ट, आलम सिंह, सुरेंद्र सिंह, दिनेश सिंह बिष्ट, ग्यारू आदि कहना हैं कि कई बार विभाग से गांव के नई पेयजल लाइन बिछाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन हर बार उनकी मांग को अनसुना कर दिया जाता है। बीते साल स्वीकृत सौर ऊर्जा लिफ्टिंग पंपिंग योजना के निर्माण का मामला भी ठंडे बस्ते में है। कहा यदि शीघ्र पानी की समस्या दूर नहीं होती तो लोगों को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
उधर, जल संस्थान के एसडीओ एसके श्रीवास्तव ने बताया कि मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। यदि वास्तव में पानी की दिक्कतें आ रही हैं तो जेई को मौके पर भेज लाइन की मरम्मत कराई जाएगी।
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पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से कालसी के अलसी गांव में पानी का संकट बना हुआ है। नलों में बूंद-बूंद पानी आ रहा है। ऐसे में लोग एक किमी दूर स्थित पनियार खड्ड से पानी ढोना पड़ता है। लोगों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी विभाग क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की मरम्मत नहीं करा रहा है।
वर्ष 1977 में जल संस्थान ने इनारी खड्ड से गांव के लिए छह किमी लंबी पेयजल लाइन का निर्माण किया। जिसके बाद लाइन की मरम्मत
के नाम ढेला तक खर्च नहीं किया गया। जिसके चलते जगह-जगह लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। जलस्रोत में भी पानी का स्तर घटने लगा है। ऐसे में लो प्रेशर के चलते अब पेयजल लाइन में पानी नहीं चढ़ पा रहा है। गांव में 29 परिवार निवास करते हैं। ग्रामीण परम सिंह बिष्ट, आलम सिंह, सुरेंद्र सिंह, दिनेश सिंह बिष्ट, ग्यारू आदि कहना हैं कि कई बार विभाग से गांव के नई पेयजल लाइन बिछाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन हर बार उनकी मांग को अनसुना कर दिया जाता है। बीते साल स्वीकृत सौर ऊर्जा लिफ्टिंग पंपिंग योजना के निर्माण का मामला भी ठंडे बस्ते में है। कहा यदि शीघ्र पानी की समस्या दूर नहीं होती तो लोगों को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
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उधर, जल संस्थान के एसडीओ एसके श्रीवास्तव ने बताया कि मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। यदि वास्तव में पानी की दिक्कतें आ रही हैं तो जेई को मौके पर भेज लाइन की मरम्मत कराई जाएगी।
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