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राफ्टिंग कंपनियों के उपकरण जांचने पहुंची टीम
Updated Tue, 24 Apr 2018 02:32 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
कौड़ियाला-मुनिकीरेती राफ्टिंग जोन में संचालित राफ्टिंग कंपनियों के उपकरणों की जांच और नए रिवर गाइडों को लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई। पहले दिन पर्यटन समेत विभिन्न विभागीय अधिकारियों ने 38 कंपनियों के उपकरणों का परीक्षण किया, जिसमें एक कंपनी के उपकरणों में कमी पाई गई। इस मौके पर रिवर गाइड के लिए 23 लोगों ने टेस्ट दिया। शुक्रवार को रिवर गाइडों का फाइनल टेस्ट होगा। इसके बाद उन्हें लाइसेंस जारी किए जाएंगे।
सोमवार को मुनिकीरेती स्थित जीएमवीएन के गंगा रिसोर्ट में पर्यटन, यूटीडीबी, स्वास्थ्य और आईटीबीपी के अधिकारी राफ्टिंग कंपनियों की उपकरणों की जांच और रिवर गाइडों का टेस्ट लेने के लिए पहुंचे। यूटीडीबी के प्रचार अधिकारी प्रदीप नेगी ने बताया कि कौड़ियाला-मुनिकीरेती राफ्टिंग जोन में कुल 261 कंपनियां पंजीकृत हैं, जिनमें से 148 कंपनियों की जांच पहले की जा चुकी है। अवशेष 113 कंपनियों के उपकरणों की जांच की जानी है। बताया कि पहले दिन 38 कंपनियों के उपकरणों की जांच की गई।
इस दौरान एक कंपनी के उपकरणों में गड़बड़ी को पकड़ा गया, जिसके बाद कंपनी संचालक को कमियों में सुधार कर दोबारा से जांच प्रक्रिया में शामिल होने के निर्देश दिए गए। बताया कि जांच की प्रक्रिया तीन दिन तक चलेगी। टीम में पर्यटन अधिकारी केसी सुंद्रियाल, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. केएस नेगी, तकनीकी समिति से आईटीबीपी के केवल, राफ्टिंग तकनीकी समिति के सदस्य अरविंद भारद्वाज और देवेंद्र सिंह रावत मौजूद थे।
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कौड़ियाला-मुनिकीरेती राफ्टिंग जोन में संचालित राफ्टिंग कंपनियों के उपकरणों की जांच और नए रिवर गाइडों को लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई। पहले दिन पर्यटन समेत विभिन्न विभागीय अधिकारियों ने 38 कंपनियों के उपकरणों का परीक्षण किया, जिसमें एक कंपनी के उपकरणों में कमी पाई गई। इस मौके पर रिवर गाइड के लिए 23 लोगों ने टेस्ट दिया। शुक्रवार को रिवर गाइडों का फाइनल टेस्ट होगा। इसके बाद उन्हें लाइसेंस जारी किए जाएंगे।
सोमवार को मुनिकीरेती स्थित जीएमवीएन के गंगा रिसोर्ट में पर्यटन, यूटीडीबी, स्वास्थ्य और आईटीबीपी के अधिकारी राफ्टिंग कंपनियों की उपकरणों की जांच और रिवर गाइडों का टेस्ट लेने के लिए पहुंचे। यूटीडीबी के प्रचार अधिकारी प्रदीप नेगी ने बताया कि कौड़ियाला-मुनिकीरेती राफ्टिंग जोन में कुल 261 कंपनियां पंजीकृत हैं, जिनमें से 148 कंपनियों की जांच पहले की जा चुकी है। अवशेष 113 कंपनियों के उपकरणों की जांच की जानी है। बताया कि पहले दिन 38 कंपनियों के उपकरणों की जांच की गई।
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इस दौरान एक कंपनी के उपकरणों में गड़बड़ी को पकड़ा गया, जिसके बाद कंपनी संचालक को कमियों में सुधार कर दोबारा से जांच प्रक्रिया में शामिल होने के निर्देश दिए गए। बताया कि जांच की प्रक्रिया तीन दिन तक चलेगी। टीम में पर्यटन अधिकारी केसी सुंद्रियाल, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. केएस नेगी, तकनीकी समिति से आईटीबीपी के केवल, राफ्टिंग तकनीकी समिति के सदस्य अरविंद भारद्वाज और देवेंद्र सिंह रावत मौजूद थे।
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