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पेशावर विद्रोह के नायक वीर चंद्र सिंह गढ़वाली को किया याद-compat
Updated Mon, 23 Apr 2018 10:52 PM IST
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श्रीनगर। पेशावर विद्रोह की 88वीं जयंती पर छात्र संगठन आइसा और भाकपा (माले) ने वीर चंद्र सिंह गढ़वाली मूर्ति स्थल से गोला पार्क तक रैली निकाली। रैली के बाद हुई सभा में पेशावर विद्रोह के नायक वीर चंद्र सिंह गढ़वाली को याद किया गया।
गोला पार्क में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि गढ़वाली ने जीवन पर्यंत समझौता विहीन राजनीति की। आज उनके आदर्शों को अपनाने की जरूरत है। आज के दौर में नेता अपना फायदा देखकर एक दल से दूसरे दल में भाग रहे हैं। गढ़वाली जिस सांप्रदायिकता के खिलाफ रहे, आज की सरकारें उस सांप्रदायिकता का सहारा लेकर सत्ता में काबिज हो रही हैं। रैली में भाकपा (माले) के इंद्रेश मैखुरी, आइसा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अतुल सती, शिवानी पांडेय, सुबोध डंगवाल, अनिल राज, अजय शाह, राहुल, पंकज और सूरज आदि शामिल थे।
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गोला पार्क में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि गढ़वाली ने जीवन पर्यंत समझौता विहीन राजनीति की। आज उनके आदर्शों को अपनाने की जरूरत है। आज के दौर में नेता अपना फायदा देखकर एक दल से दूसरे दल में भाग रहे हैं। गढ़वाली जिस सांप्रदायिकता के खिलाफ रहे, आज की सरकारें उस सांप्रदायिकता का सहारा लेकर सत्ता में काबिज हो रही हैं। रैली में भाकपा (माले) के इंद्रेश मैखुरी, आइसा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अतुल सती, शिवानी पांडेय, सुबोध डंगवाल, अनिल राज, अजय शाह, राहुल, पंकज और सूरज आदि शामिल थे।
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