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तीर्थयात्रियों का बिगड़ा चारधाम यात्रा शेड्यूल-compat
Updated Sun, 22 Apr 2018 10:28 PM IST
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गोपेश्वर। केदारनाथ और बदरीनाथ धाम की यात्रा शुरू होने में लंबा अंतराल होने से तीर्थयात्रियों का एक साथ चारधाम यात्रा का शेड्यूल बिगड़ गया है। गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट गत 18 अप्रैल को खुल चुके हैं, जबकि केदारनाथ के कपाट 29 और बदरीनाथ के पट 30 अप्रैल को खुलने हैं। ऐसे में गंगोत्री व यमुनोत्री पहुंच रहे तीर्थयात्रियों को दो अन्य धामों के दर्शन के बगैर लौटना पड़ रहा है। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति से जुड़े धर्माचार्यों का कहना है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार चारों धामों की यात्रा शुरू होने में अंतराल अधिक है।
पिछले वर्ष 2017 में गंगोत्री व यमुनोत्री के कपाट 28 अप्रैल को खुले थे, जबकि तीन मई को केदारनाथ व छह मई को बदरीनाथ के कपाट खुले थे। वर्ष 2016 में दो दिनों के अंतराल में ही चारों धामों की यात्रा शुरू हो गई थी। तब केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री के कपाट नौ मई को खुले थे और बदरीनाथ के कपाट 11 मई को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुले थे। इस बार चारधाम यात्रा शुरू तो हो गई, लेकिन गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने के बाद बदरीनाथ व केदारनाथ के कपाट खुलने में दस दिन का अंतराल है। इससे तीर्थयात्रियों का चारधाम यात्रा का शेड्यूल बिगड़ रहा है। गत 20 अप्रैल को जोशीमठ नृसिंह मंदिर में पहुंचे अहमदाबाद के तीर्थयात्रियों का कहना है कि वे चारधाम यात्रा का कार्यक्रम बनाकर आए थे। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन तो हो गए, लेकिन केदारनाथ व बदरीनाथ के कपाट खुलने में अभी हफ्ते बर का समय बाकी होने से उन्हें बिना दर्शन के लौटना पड़ रहा है। बदरीनाथ के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने भी माना कि चारधाम यात्रा शुरू होने में लंबा अंतराल होने से यात्री परेशान है। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ धाम के कपाटोद्घाटन की तिथि टिहरी महाराजा के दिशा-निर्देशन में पंचांग गणना के आधार पर निश्चित होती है, जबकि कपाट बंद होने की तिथि बीकेटीसी निर्धारित करती है। बीकेटीसी के सीईओ बीडी सिंह का कहना है कि गंगोत्री और यमुनोत्री में तीर्थयात्रियों की संख्या बेहद कम है। बदरीनाथ और केदारनाथ के कपाट खुलने के बाद ही तीर्थयात्रियों की संख्या में इजाफा होगा।
पिछले वर्ष 2017 में गंगोत्री व यमुनोत्री के कपाट 28 अप्रैल को खुले थे, जबकि तीन मई को केदारनाथ व छह मई को बदरीनाथ के कपाट खुले थे। वर्ष 2016 में दो दिनों के अंतराल में ही चारों धामों की यात्रा शुरू हो गई थी। तब केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री के कपाट नौ मई को खुले थे और बदरीनाथ के कपाट 11 मई को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुले थे। इस बार चारधाम यात्रा शुरू तो हो गई, लेकिन गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने के बाद बदरीनाथ व केदारनाथ के कपाट खुलने में दस दिन का अंतराल है। इससे तीर्थयात्रियों का चारधाम यात्रा का शेड्यूल बिगड़ रहा है। गत 20 अप्रैल को जोशीमठ नृसिंह मंदिर में पहुंचे अहमदाबाद के तीर्थयात्रियों का कहना है कि वे चारधाम यात्रा का कार्यक्रम बनाकर आए थे। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन तो हो गए, लेकिन केदारनाथ व बदरीनाथ के कपाट खुलने में अभी हफ्ते बर का समय बाकी होने से उन्हें बिना दर्शन के लौटना पड़ रहा है। बदरीनाथ के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने भी माना कि चारधाम यात्रा शुरू होने में लंबा अंतराल होने से यात्री परेशान है। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ धाम के कपाटोद्घाटन की तिथि टिहरी महाराजा के दिशा-निर्देशन में पंचांग गणना के आधार पर निश्चित होती है, जबकि कपाट बंद होने की तिथि बीकेटीसी निर्धारित करती है। बीकेटीसी के सीईओ बीडी सिंह का कहना है कि गंगोत्री और यमुनोत्री में तीर्थयात्रियों की संख्या बेहद कम है। बदरीनाथ और केदारनाथ के कपाट खुलने के बाद ही तीर्थयात्रियों की संख्या में इजाफा होगा।
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