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राष्ट्रीय चरणकी गांव बचाओ यात्रा अक्टूबर में

Sun, 22 Apr 2018 02:28 AM IST
Updated Sun, 22 Apr 2018 02:28 AM IST
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राष्ट्रीय चरणकी गांव बचाओ यात्रा अक्टूबर में
गोवा से उत्तराखंड तक निकलेगी गांव बचाओ यात्रा
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-- पर्यावरणविद् डॉ. अनिल जोशी ने अब राष्ट्रीय चरण प्रारंभ करने की बनाई योजना

अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
दशकों से गांवों को बचाने और उन्हें समृद्ध करने की मुहिम में जुटे पद्मश्री डॉ. अनिल प्रकाश जोशी अक्टूबर माह में अपनी यात्राओं का राष्ट्रीय चरण प्रारंभ करेंगे। वह इस बार गोवा से उत्तराखंड तक गांव बचाओ साइकिल यात्रा पर निकलेंगे। उनका मानना है कि जब तक केंद्र व राज्य सरकारें गांवों से नजदीकियां नहीं बनाएंगे, देश समृद्ध नहीं हो सकता। अमर उजाला से खास मुलाकात में पद्मश्री जोशी ने अपनी अगली राष्ट्रीय चरण की यात्रा का खुलासा किया। बताया कि अक्टूबर में गांवों को बचाने के लिए गोवा से शुरू होने वाली उनकी यात्रा में उनके साथ करीब 20 सहयात्री भी होंगे।
इससे पूर्व भी पद्मश्री जोशी कई यात्राएं कर चुके हैं। पर्यावरणविद् अनिल जोशी के जीवन के पिछले सवा दो दशक गांव, घट और जल संरक्षण के लिए पैदल और साइकिल यात्राओं की मुहिम का रहे हैं। पद्म श्री जोशी ने गांवों की समृद्धि के लिए सबसे पहले वर्ष 1996 में मलारी से मलेथा तक 27 दिन की पैदल यात्रा की थी। इसके बाद उन्होंने 1997 में गंगोत्री से दिल्ली 27 दिनी पैदल यात्रा निकाली थी। उन्होंने उत्तराखंड से हिमाचल तक पहली साइकिल यात्रा निकाली। उनकी अगुवाई में वर्ष 2007 में जम्मू से उत्तराखंड तक 13 दिवसीय साइकिल यात्रा, 2008 में कन्याकुमारी से कश्मीर तक 65 दिनी यात्रा, 2012 में सिलीगुडी से उत्तराखंड तक एक माह की साइकिल यात्रा, वर्ष 2015 में 25 दिनी सहिया से देहरादून और 2016 में कुमाऊं से विकासनगर 24 दिवसीय यात्राएं हो चुकी हैं।
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यात्रा के दौरान करते हैं भिक्षावृत्ति
पद्म श्री ने बताया कि वह अपनी पैदल या साइकिल यात्रा के दौरान रास्ते में व विभिन्न पड़ावों पर भिक्षावृत्ति करते हैं। इस दौरान लोग उन्हें राशन, सब्जी व पैसे देते हैं। आगे बढ़ते हैं तो दूसरे गांव से बर्तन मांगकर भोजन पकाते हैं और फिर भोजन करते हैं। उन्होंने यात्रा के दौरान भिक्षावृत्ति की वजह गांवों व ग्रामीणों से जुड़ाव का होना बताया। बताया कि इस वृत्ति से हमारा जुड़ाव संस्कृति व संस्कारों से भी होता है।
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