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वारदातों के बाद हरकत में आया राजाजी प्रशासन
Updated Sun, 22 Apr 2018 02:28 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, रायवाला/ऋषिकेश।
रायवाला क्षेत्र में लगातार वन्यजीव-मानव संघर्ष की घटनाओं के बाद राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। पार्क प्रशासन अब बीट के अंदर सभी गुलदारों को ट्रेंकुलाइज कर उन्हें रेडियो कॉलर पहनाएगा। इससे गुलदार की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी। शनिवार को देरशाम राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के निदेशक सनातन सोनकर रायवाला रेंज का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सक्रिय आदमखोर गुलदारों को ट्रेंकुलाइज कर कॉलर पहनाया जाएगा। ऐसा करने पर जीपीएस सिस्टम से गुलदार के हाईवे के समीप आने की जानकारी मिलने पर गश्ती टीम को सक्रिय कर दिया जाएगा और गुलदार को जंगल में खदेड़ दिया जाएगा, ताकि वह किसी वारदात को अंजाम न दे सकें।
उन्होंने बताया कि रेंज स्टाफ को जंगल में गुलदारों को ट्रेंकुलाइज कर कॉलर पहनाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। अगले कुछ दिनों में रेंज क्षेत्र में सक्रिय सभी गुलदारों को कॉलर पहना दिए जाएंगे। उन्होंने रेंज अधिकारी विकास रावत को गुलदार के हमले रोकने को लोगों से सुझाव लेने को कहा है। साथ ही हाईवे के किनारे बताया कि हाईवे के किनारे शौचालय बनाने को स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ जल्द बैठक कर विमर्श किया जाएगा, जिससे पर्यटकों को पार्क के जंगल में शौच आदि के लिए प्रवेश से रोका जा सके।
निदेशक ने बताया कि लोगों को गुलदार प्रभावित क्षेत्र में प्रवेेश से रोकने के लिए विभाग पहले ही विभिन्न स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगा चुका है। नेपाली फार्म से लेकर मोतीचूर रेलवे फाटक तक कई संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। इसके बावजूद पर्यटक पार्क के जंगल में जोखिम उठाकर प्रवेश कर रहे हैं। ऐसा मामला शनिवार को भी देखने को मिला है।
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ऐसे काम करता है रेडियो कॉलर
गुलदारों की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए उन्हें रेडियो कॉलर पहनाया जाता है। रेडियो कॉलर में एक चिप लगी होती है, जिसमें जीपीएस सिस्टम होता है। इससे गुलदार की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकती है। गुलदार के आबादी क्षेत्र में आने या कोई हमला करने की जानकारी वन विभाग को आसानी से मिल जाएगी। कुछ समय पहले राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क प्रशासन की ओर से टाइगर को रेडियो चिप पहनाने का अभियान चलाया गया था।
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रायवाला क्षेत्र में लगातार वन्यजीव-मानव संघर्ष की घटनाओं के बाद राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। पार्क प्रशासन अब बीट के अंदर सभी गुलदारों को ट्रेंकुलाइज कर उन्हें रेडियो कॉलर पहनाएगा। इससे गुलदार की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी। शनिवार को देरशाम राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के निदेशक सनातन सोनकर रायवाला रेंज का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सक्रिय आदमखोर गुलदारों को ट्रेंकुलाइज कर कॉलर पहनाया जाएगा। ऐसा करने पर जीपीएस सिस्टम से गुलदार के हाईवे के समीप आने की जानकारी मिलने पर गश्ती टीम को सक्रिय कर दिया जाएगा और गुलदार को जंगल में खदेड़ दिया जाएगा, ताकि वह किसी वारदात को अंजाम न दे सकें।
उन्होंने बताया कि रेंज स्टाफ को जंगल में गुलदारों को ट्रेंकुलाइज कर कॉलर पहनाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। अगले कुछ दिनों में रेंज क्षेत्र में सक्रिय सभी गुलदारों को कॉलर पहना दिए जाएंगे। उन्होंने रेंज अधिकारी विकास रावत को गुलदार के हमले रोकने को लोगों से सुझाव लेने को कहा है। साथ ही हाईवे के किनारे बताया कि हाईवे के किनारे शौचालय बनाने को स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ जल्द बैठक कर विमर्श किया जाएगा, जिससे पर्यटकों को पार्क के जंगल में शौच आदि के लिए प्रवेश से रोका जा सके।
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निदेशक ने बताया कि लोगों को गुलदार प्रभावित क्षेत्र में प्रवेेश से रोकने के लिए विभाग पहले ही विभिन्न स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगा चुका है। नेपाली फार्म से लेकर मोतीचूर रेलवे फाटक तक कई संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। इसके बावजूद पर्यटक पार्क के जंगल में जोखिम उठाकर प्रवेश कर रहे हैं। ऐसा मामला शनिवार को भी देखने को मिला है।
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ऐसे काम करता है रेडियो कॉलर
गुलदारों की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए उन्हें रेडियो कॉलर पहनाया जाता है। रेडियो कॉलर में एक चिप लगी होती है, जिसमें जीपीएस सिस्टम होता है। इससे गुलदार की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकती है। गुलदार के आबादी क्षेत्र में आने या कोई हमला करने की जानकारी वन विभाग को आसानी से मिल जाएगी। कुछ समय पहले राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क प्रशासन की ओर से टाइगर को रेडियो चिप पहनाने का अभियान चलाया गया था।