फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   अक्षय तृतीया: श्रद्धालुओं ने की भरत भगवान की परिक्रमा

अक्षय तृतीया: श्रद्धालुओं ने की भरत भगवान की परिक्रमा

Thu, 19 Apr 2018 02:28 AM IST
Updated Thu, 19 Apr 2018 02:28 AM IST
विज्ञापन
अक्षय तृतीया: श्रद्धालुओं ने की भरत भगवान की परिक्रमा
ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश।
विज्ञापन

तीर्थनगरी में अक्षय तृतीया पर्व पर स्थानीय और विभिन्न प्रांतों से जुटे हजारों श्रद्धालुओं ने प्राचीन श्री भरत मंदिर में विधि विधान पूर्वक पूजा अर्चना के साथ भगवान नारायण की परिक्रमा की और उनके चरणों के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। बुधवार को ब्रह्म मुहूर्त से शुरू हुआ प्राचीन श्री भरत मंदिर की परिक्रमा का सिलसिला मध्य रात्रि तक जारी रहा, जिसमें चारों धाम जाने वाले यात्री भी शामिल हुए। बुधवार को पर्व पर श्रद्धालुओं ने मोक्षदायिनी में डुबकी लगाई और प्राचीन श्री भरत मंदिर की परिक्रमा का पुण्यलाभ प्राप्त किया। ब्रह्म मुहूर्त में मंदिर के श्री महंत अशोक प्रपन्न शर्मा के सानिध्य में विशेष आरती का आयोजन किया गया। मुख्य पुजारी धर्मानंद सेमवाल ने भरत भगवान की मंगल आरती, पूजा अर्चना की।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं को सत्तू प्रसाद वितरित किया। इसके बाद भक्तगणों ने भगवान नारायण की परिक्रमा विधिवत शुरू की। पर्व पर हजारों श्रद्धालुओं ने परिक्रमा का पुण्य अर्जित किया। इस अवसर पर सिंधी बिरादरी की ओर से श्रद्धालुओं को शरबत वितरित किया गया। धार्मिक अनुष्ठान में हर्षवर्धन शर्मा, वत्सल शर्मा, वरुण शर्मा, डॉ. संदीप शास्त्री, पंडित सुरेंद्र दत्त भट्ट, दर्वेश्वर शास्त्री, डॉ. भास्कर भूषण, राजीव शर्मा आदि मौजूद थे।
विज्ञापन

विभिन्न प्रांतों से जुटे हजारों श्रद्धालु
अक्षय तृतीय पर्व पर हृषीकेश भगवान की परिक्रमा के महात्म्य के दृष्टिगत तीर्थनगरी और आसपास के क्षेत्रों के अलावा उत्तराखंड, दिल्ली, जम्मू , उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल और दक्षिण भारत के विभिन्न प्रांतों से भी हजारों श्रद्धालु उमड़े। उन्होंने तेज धूप और तपिस के बावजूद दिनभर मंदिर की परिक्रमा जारी रखी।
विज्ञापन
विज्ञापन

श्रद्धा की डुबकी लगाई
अक्षय तृतीय पर्व पर हजारों लोगों ने पतित पावनी मां गंगा में श्रद्धापूर्वक डुबकी लगाई और दान धर्म कर पुण्य अर्जित किया। ब्रह्ममुहूर्त से ही तीर्थनगरी स्थित त्रिवेणीघाट, मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम, लक्ष्मणझूला, तपोवन आदि गंगातटों पर स्नानार्थियों की आमद बढ़ने लगी थी। पूर्वाह्न तक स्नान-दान, तर्पण का क्रम जारी रहा। इस दौरान लोगों ने गरीबों, ब्राह्मणों को सुराही, पंखे और फल दान किये।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed