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शिक्षकों की मांग को लेकर स्कूल में तालावंदी
Updated Mon, 16 Apr 2018 10:36 PM IST
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देवाल। शिक्षकों की मांग को लेकर तोरती के ग्रामीणों ने गांव के हाईस्कूल में पांच घंटे तक तालाबंदी की और धरना दिया। ग्रामीणों ने कहा कि यदि जल्द स्कूल में शिक्षकों की तैनाती नहीं की तो ग्रामीण अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।
सोमवार को तोरती के ग्राम प्रधान बलवंत सिंह, रामपुर के हरेंद्र सिंह के नेतृत्व में ग्रामीण सुबह सात बजे तोरती हाईस्कूल पहुंचे। उन्होंने बच्चों को घर भेज दिया और स्कूल के दरवाजों पर ताला लगा दिया। इसके बाद ग्रामीण स्कूल परिसर में ही धरने पर बैठे गए। ग्रामीणों ने कहा कि तोरती में संचालित हाईस्कूल में रामपुर, तोरती सहित आसपास के गांवों के 60 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन यहां संचालित पांच कक्षाओं के लिए महज दो शिक्षक ही हैं। स्कूल में न तृतीय श्रेणी के कर्मी हैं न अनुसेवक ही तैनात हैं। ऐसे में शिक्षा के साथ-साथ शिक्षणेत्तर कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि कई बार शिकायत देने के बावजूद विभाग और प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। यदि जल्द शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई तो ग्रामीण अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। दोपहर बारह बजे ग्रामीणों ने तालाबंदी समाप्त कर दी। प्रदर्शन करने वालों में प्रबंध समिति के अध्यक्ष कंचन सिंह गड़िया, पीटीए अध्यक्ष बच्ची राम, क्षेत्र पंचायत सदस्य हरूली देवी, हरगोविंद सिंह, नारायण सिंह, बसंती देवी सहित कई ग्रामीण मौजूद थे। दूसरी ओर मुख्य शिक्षा अधिकारी एलएम चमोली का कहना है कि तालाबंदी की सूचना नहीं है। काउंसिलिंग प्रक्रिया के तहत दूरस्थ विद्यालयों के लिए कोई शिक्षक नहीं जाना चाह रहा है। 15 दिनों में फिर एलटी की काउंसिलिंग की जानी है। बीईओ से रिपोर्ट मंगा कर कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को तोरती के ग्राम प्रधान बलवंत सिंह, रामपुर के हरेंद्र सिंह के नेतृत्व में ग्रामीण सुबह सात बजे तोरती हाईस्कूल पहुंचे। उन्होंने बच्चों को घर भेज दिया और स्कूल के दरवाजों पर ताला लगा दिया। इसके बाद ग्रामीण स्कूल परिसर में ही धरने पर बैठे गए। ग्रामीणों ने कहा कि तोरती में संचालित हाईस्कूल में रामपुर, तोरती सहित आसपास के गांवों के 60 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन यहां संचालित पांच कक्षाओं के लिए महज दो शिक्षक ही हैं। स्कूल में न तृतीय श्रेणी के कर्मी हैं न अनुसेवक ही तैनात हैं। ऐसे में शिक्षा के साथ-साथ शिक्षणेत्तर कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि कई बार शिकायत देने के बावजूद विभाग और प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। यदि जल्द शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई तो ग्रामीण अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। दोपहर बारह बजे ग्रामीणों ने तालाबंदी समाप्त कर दी। प्रदर्शन करने वालों में प्रबंध समिति के अध्यक्ष कंचन सिंह गड़िया, पीटीए अध्यक्ष बच्ची राम, क्षेत्र पंचायत सदस्य हरूली देवी, हरगोविंद सिंह, नारायण सिंह, बसंती देवी सहित कई ग्रामीण मौजूद थे। दूसरी ओर मुख्य शिक्षा अधिकारी एलएम चमोली का कहना है कि तालाबंदी की सूचना नहीं है। काउंसिलिंग प्रक्रिया के तहत दूरस्थ विद्यालयों के लिए कोई शिक्षक नहीं जाना चाह रहा है। 15 दिनों में फिर एलटी की काउंसिलिंग की जानी है। बीईओ से रिपोर्ट मंगा कर कार्रवाई की जाएगी।
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