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राहत के साथ आफत लेकर बरसे बादल
Updated Tue, 10 Apr 2018 02:24 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
सोमवार सुबह हुई झमाझम बारिश राहत के साथ आफत लेकर आई। एक ओर जहां बारिश से मौसम सुहावना हुआ वहीं किसानों की चिंता भी बढ़ गई। गेहूं की लगभग तैयार हो चुकी फसल कई किसानों ने काटनी भी शुरू कर दी है। खेतों में पड़ी गेहूं की फसल को बारिश से नुकसान होने की संभावना है, ऐसे में यदि आगे भी बारिश जारी रहती है तो गेहूं के खराब होने की संभावना है। तीर्थनगरी और समीपवर्ती ग्रामीण इलाकों में बारिश के कारण कई जगह सड़कें जलमग्न होने और घरों में पानी घुसने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई।
तेज हवाओं के बाद करीब 7 बजे अचानक बारिश शुरू हो गई। दोपहर करीब 12 बजे तक रुक रुककर हुई बारिश से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कई सड़कों पर जलभराव हो गया। नगर में राष्ट्रीय राजमार्ग और आंतरिक मार्गों पर पानी भरने से पैदल राहगीरों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश से तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी से काफी हद तक राहत भी मिली। बारिश से विभिन्न इलाकों में जलभराव की शिकायत मिलने पर ऋषिकेश तहसील के अधिकारी मौका-मुआयना करने पहुंचे। उन्होंने लोगों के घरों में जलभराव से हुए नुकसान का आंकलन की रिपोर्ट तैयार की है। एसडीएम हर गिरि ने बताया कि अभी उनके पास कोई रिपोर्ट नहीं आई है। संबंधित अधिकारियों की ओर से रिपोर्ट देने के बाद उस पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
गेहूं उत्पादक किसानों की नींद उड़ी
डोईवाला। कई घंटो तक रही बारिश ने गेहूं उत्पादक किसानों की नींद उड़ाकर रख दी। गेहूं की कटाई शुरू होने के बाद आई बारिश से किसानों को नुकसान की आशंका हो रही है। प्रखंड में किसान गेहूं और गन्ने की सर्वाधिक बुवाई करते हैं। इन दिनों गेहूं की कटाई शुरू हो गई है। दूधली, चांदमारी, तेलीवाला, कुड़कावाला आदि कई गांवों में बड़े पैमाने पर गेहूं की कटाई होने के बाद फसल खेतों में पड़ी हुई है। बारिश आने से फसल को नुकसान होने की संभावना प्रबल हो गई है। झबरावाला के किसान रणजोध सिंह ने बताया कि कटी हुई फसल पर पानी पड़ने से गेहूं का दाना काला हो जाता है, जिससे उत्पादन गिर जाता है। मौसम विभाग अभी और बारिश होने की संभावना जता रहा है। बारिश क्षेत्र के मौसम में एकाएक बदलाव आ गया है। तापमान में बेहद तेेजी से गिरावट आने से एक बार फिर से लोगों ने ऊनी वस्त्र पहनने शुरू कर दिए है।
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बारिश ने गेहूं की फसल को पहुंचाया नुकसान
रायवाला। ग्रामीण इलाकों में चल रही फसल कटाई के दिनों में मौसम की मार से किसान बेहाल हो गए। सोमवार को हुई बरसात की चपेट में आकर रायवाला, छिद्दरवाला क्षेत्र के कई किसानों की गेहूं की फसल खराब हो गई। गेहूं की तैयार फसल की कटाई के दिनों में अचानक हुई झमाझम बरसात से किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है। रायवाला, छिद्दरवाला क्षेत्र में कई महीनों की मेहनत से तैयार फसल को समेटने में जुटे किसानों के समक्ष सोमवार सुबह अचानक आई बारिश ने मुसीबत खड़ी कर दी। इससे रायवाला के गौहरीमाफी में सबसे अधिक फसली नुकसान हुआ है। सबसे अधिक खेती वाले इस गांव में किसान सबसे पहले फसल की बुवाई और कटाई के कार्य को अंजाम देते है। बताया गया कि गांव में करीब 20 फीसदी फसल काटकर मशीनों से निकाली जा चुकी है, जबकि 20 फीसदी फसल जो काटकर खेतों में पड़ी थी, जो बरसात के पानी में डूबकर खराब हो गई। जबकि 60 फीसदी फसल अभी खेतों में खड़ी है।
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सोमवार सुबह हुई झमाझम बारिश राहत के साथ आफत लेकर आई। एक ओर जहां बारिश से मौसम सुहावना हुआ वहीं किसानों की चिंता भी बढ़ गई। गेहूं की लगभग तैयार हो चुकी फसल कई किसानों ने काटनी भी शुरू कर दी है। खेतों में पड़ी गेहूं की फसल को बारिश से नुकसान होने की संभावना है, ऐसे में यदि आगे भी बारिश जारी रहती है तो गेहूं के खराब होने की संभावना है। तीर्थनगरी और समीपवर्ती ग्रामीण इलाकों में बारिश के कारण कई जगह सड़कें जलमग्न होने और घरों में पानी घुसने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई।
तेज हवाओं के बाद करीब 7 बजे अचानक बारिश शुरू हो गई। दोपहर करीब 12 बजे तक रुक रुककर हुई बारिश से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कई सड़कों पर जलभराव हो गया। नगर में राष्ट्रीय राजमार्ग और आंतरिक मार्गों पर पानी भरने से पैदल राहगीरों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश से तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी से काफी हद तक राहत भी मिली। बारिश से विभिन्न इलाकों में जलभराव की शिकायत मिलने पर ऋषिकेश तहसील के अधिकारी मौका-मुआयना करने पहुंचे। उन्होंने लोगों के घरों में जलभराव से हुए नुकसान का आंकलन की रिपोर्ट तैयार की है। एसडीएम हर गिरि ने बताया कि अभी उनके पास कोई रिपोर्ट नहीं आई है। संबंधित अधिकारियों की ओर से रिपोर्ट देने के बाद उस पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
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गेहूं उत्पादक किसानों की नींद उड़ी
डोईवाला। कई घंटो तक रही बारिश ने गेहूं उत्पादक किसानों की नींद उड़ाकर रख दी। गेहूं की कटाई शुरू होने के बाद आई बारिश से किसानों को नुकसान की आशंका हो रही है। प्रखंड में किसान गेहूं और गन्ने की सर्वाधिक बुवाई करते हैं। इन दिनों गेहूं की कटाई शुरू हो गई है। दूधली, चांदमारी, तेलीवाला, कुड़कावाला आदि कई गांवों में बड़े पैमाने पर गेहूं की कटाई होने के बाद फसल खेतों में पड़ी हुई है। बारिश आने से फसल को नुकसान होने की संभावना प्रबल हो गई है। झबरावाला के किसान रणजोध सिंह ने बताया कि कटी हुई फसल पर पानी पड़ने से गेहूं का दाना काला हो जाता है, जिससे उत्पादन गिर जाता है। मौसम विभाग अभी और बारिश होने की संभावना जता रहा है। बारिश क्षेत्र के मौसम में एकाएक बदलाव आ गया है। तापमान में बेहद तेेजी से गिरावट आने से एक बार फिर से लोगों ने ऊनी वस्त्र पहनने शुरू कर दिए है।
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बारिश ने गेहूं की फसल को पहुंचाया नुकसान
रायवाला। ग्रामीण इलाकों में चल रही फसल कटाई के दिनों में मौसम की मार से किसान बेहाल हो गए। सोमवार को हुई बरसात की चपेट में आकर रायवाला, छिद्दरवाला क्षेत्र के कई किसानों की गेहूं की फसल खराब हो गई। गेहूं की तैयार फसल की कटाई के दिनों में अचानक हुई झमाझम बरसात से किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है। रायवाला, छिद्दरवाला क्षेत्र में कई महीनों की मेहनत से तैयार फसल को समेटने में जुटे किसानों के समक्ष सोमवार सुबह अचानक आई बारिश ने मुसीबत खड़ी कर दी। इससे रायवाला के गौहरीमाफी में सबसे अधिक फसली नुकसान हुआ है। सबसे अधिक खेती वाले इस गांव में किसान सबसे पहले फसल की बुवाई और कटाई के कार्य को अंजाम देते है। बताया गया कि गांव में करीब 20 फीसदी फसल काटकर मशीनों से निकाली जा चुकी है, जबकि 20 फीसदी फसल जो काटकर खेतों में पड़ी थी, जो बरसात के पानी में डूबकर खराब हो गई। जबकि 60 फीसदी फसल अभी खेतों में खड़ी है।