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ठारठा में 44 लाख का घोटाला
Updated Tue, 10 Apr 2018 02:24 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला
त्यूनी।
ग्राम पंचायत ठारठा में 44 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितताओं का मामला प्रकाश में आया है। ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत कर दोषियों के खिलाफ जांच की मांग की है। वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा आरटीआई के तहत मिली जानकारी से हुआ है।
गांव निवासी आत्माराम सारस्वत ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत खंड विकास कार्यालय से ग्राम पंचायत में निर्माण कार्यों के संबंध में जानकारी मांगी थी। जिसमें पता चला है कि निर्माण कार्यों के नाम पर ग्राम प्रधान ने विभागीय अधिकारियों से मिलीभगत कर 44 लाख रुपये का घोटाला कर डाला। आरोप है कि जिन निर्माण कार्य के लिए धनराशि स्वीकृत हुई थी, धरातल पर वे कार्य हुए ही नहीं है।
उन्होंने बताया कि गांव में पेयजल लाइन, खंड़जा, सुरक्षा दीवार, पंचायती आंगन, टैंक, चराई निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन इन निर्माण कार्यों में से एक भी कार्य नहीं कराया गया। इसके अलावा 13वें राज्य वित्त आयोग के तहत भी ग्राम पंचायत में कोई विकास कार्य नहीं हुआ।
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इस मामले में आत्माराम के साथ ही देवेंद्र सिंह, लाखीराम, हरिराम, साहेब सिंह, पूर्ण सिंह आदि ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने की मांग की है।
ये होने थे निर्माण कार्य
गांव में पेयजल लाइन, खंड़जा, सुरक्षा दीवार, पंचायती आंगन, टैंक, चराई निर्माण आदि।
कोट -
सभी आरोप निराधार हैं और राजनीति से प्रेरित है। वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं।
- हंसी देवी, ग्राम प्रधान
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि कोई शिकायत आती है तो जांच की जाएगी।
- राजेंद्र प्रसाद जोशी, बीडीओ
लिखित शिकायत मिलने पर मामले की जांच की जाएगी।
- जीएस रावत, मुख्य विकास अधिकारी
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त्यूनी।
ग्राम पंचायत ठारठा में 44 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितताओं का मामला प्रकाश में आया है। ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत कर दोषियों के खिलाफ जांच की मांग की है। वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा आरटीआई के तहत मिली जानकारी से हुआ है।
गांव निवासी आत्माराम सारस्वत ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत खंड विकास कार्यालय से ग्राम पंचायत में निर्माण कार्यों के संबंध में जानकारी मांगी थी। जिसमें पता चला है कि निर्माण कार्यों के नाम पर ग्राम प्रधान ने विभागीय अधिकारियों से मिलीभगत कर 44 लाख रुपये का घोटाला कर डाला। आरोप है कि जिन निर्माण कार्य के लिए धनराशि स्वीकृत हुई थी, धरातल पर वे कार्य हुए ही नहीं है।
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उन्होंने बताया कि गांव में पेयजल लाइन, खंड़जा, सुरक्षा दीवार, पंचायती आंगन, टैंक, चराई निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन इन निर्माण कार्यों में से एक भी कार्य नहीं कराया गया। इसके अलावा 13वें राज्य वित्त आयोग के तहत भी ग्राम पंचायत में कोई विकास कार्य नहीं हुआ।
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इस मामले में आत्माराम के साथ ही देवेंद्र सिंह, लाखीराम, हरिराम, साहेब सिंह, पूर्ण सिंह आदि ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने की मांग की है।
ये होने थे निर्माण कार्य
गांव में पेयजल लाइन, खंड़जा, सुरक्षा दीवार, पंचायती आंगन, टैंक, चराई निर्माण आदि।
कोट -
सभी आरोप निराधार हैं और राजनीति से प्रेरित है। वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं।
- हंसी देवी, ग्राम प्रधान
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि कोई शिकायत आती है तो जांच की जाएगी।
- राजेंद्र प्रसाद जोशी, बीडीओ
लिखित शिकायत मिलने पर मामले की जांच की जाएगी।
- जीएस रावत, मुख्य विकास अधिकारी