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सचिवों की हड़ताल से काश्तकारों को नहीं मिल रहा ऋण योजना का लाभ
Updated Mon, 02 Apr 2018 10:52 PM IST
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गोपेश्वर। सहकारी समितियों के सचिवों की हड़ताल आम लोगों पर भारी पड़ रही है। ग्रामीण बचत केंद्र (मिनी बैंक) में लेन-देन न होने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
19 फरवरी से सहकारी सचिव विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। चमोली जिले में 54 और रुद्रप्रयाग में 26 सहकारी समितियां हैं। समितियों में खाद और लघु किसानों को ऋण सुविधा मिलती है। दीन दयाल उपाध्याय योजना के अंतर्गत सहकारी समितियों से दो फीसदी ब्याज दर पर काश्तकारों को ऋण उपलब्ध होता है, लेकिन हड़ताल से ऋण योजना भी ठप पड़ी है। पेंशनरों को वृद्धावस्था, दिव्यांग और विधवा पेंशन का भुगतान भी नहीं हो पा रहा है। पुरुषोत्तम सती, अयोध्या प्रसाद, बदरी प्रसाद, जयंती प्रसाद, योगेश्वर प्रसाद और हृदयराम का कहना है कि काश्तकारों के लिए सहकारी बैंक की ओर से दो फीसदी ब्याज दर पर ऋण दिया जा रहा है। ऋण के लिए सभी पत्रावलियां पूरी कर ली गई हैं, लेकिन हड़ताल से ऋण योजना का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। सरकार को जल्द ही इस संबंध में निर्णय लेकर उपभोक्ताओं को राहत देनी चाहिए।
19 फरवरी से सहकारी सचिव विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। चमोली जिले में 54 और रुद्रप्रयाग में 26 सहकारी समितियां हैं। समितियों में खाद और लघु किसानों को ऋण सुविधा मिलती है। दीन दयाल उपाध्याय योजना के अंतर्गत सहकारी समितियों से दो फीसदी ब्याज दर पर काश्तकारों को ऋण उपलब्ध होता है, लेकिन हड़ताल से ऋण योजना भी ठप पड़ी है। पेंशनरों को वृद्धावस्था, दिव्यांग और विधवा पेंशन का भुगतान भी नहीं हो पा रहा है। पुरुषोत्तम सती, अयोध्या प्रसाद, बदरी प्रसाद, जयंती प्रसाद, योगेश्वर प्रसाद और हृदयराम का कहना है कि काश्तकारों के लिए सहकारी बैंक की ओर से दो फीसदी ब्याज दर पर ऋण दिया जा रहा है। ऋण के लिए सभी पत्रावलियां पूरी कर ली गई हैं, लेकिन हड़ताल से ऋण योजना का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। सरकार को जल्द ही इस संबंध में निर्णय लेकर उपभोक्ताओं को राहत देनी चाहिए।
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