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18 साल बाद भी नहीं बदली अनुसूचित जाति समुदाय की दशा
Updated Sun, 01 Apr 2018 10:56 PM IST
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कर्णप्रयाग। बहुजन सोशल फ्रंट, शिल्पकार सभा और भूमि अधिकार महिला मंच के संयुक्त सेमीनार में राज्य बनने के 18 साल बाद भी अनुुसूचित जाति समुदाय की दशा और दिशा नहीं बदलने पर नाराजगी जताई गई। भाजपा और कांग्रेस की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 18 सालों से प्रदेश में कई बैकलॉग के पद रिक्त पड़े हैं। सेमीनार में आलम राम स्मृति ट्रस्ट ने बहुजन सोशल फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एके मौर्य और उत्तराखंड प्रभारी महेश डोनिया को सम्मानित भी किया।
कार्यक्रम की शुरुआत संविधान निर्माता बाबा भीमराव साहेब अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। बहुजन सोशल फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एके मौर्य ने कहा कि प्रदेश में एससी वर्ग के लोगों का आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास रुका हुआ है। मूल निवासी संघ के अध्यक्ष गिरीश आर्य ने कहा कि प्रदेश में सरकार बैकलॉग के पद नहीं भर रही है, जिससे अनुसूचित जाति वर्ग के युवक बेरोजगार घूम रहे हैं। शिल्पकार सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष मोहन लाल शाह ने कहा कि अलग राज्य आंदोलन में अनुसूचित जाति वर्ग के कई लोगों ने सक्रिय भूमिका निभाई, लेकिन एक भी अनुसूचित जाति के व्यक्ति को राज्य आंदोलनकारी का दर्जा नहीं दिया गया है। इस अवसर पर बहुजन सोशल फ्रंट के उत्तराखंड प्रभारी महेश चंद्र डोनिया, जितेंद्र कुमार, रामेश्वरी देवी, प्रीति देवी, सुरेशी देवी, पंकज शर्मा, रामदयाल, अंजना, राजेंद्र लाल और दीपक शाह आदि मौजूद थे।
कार्यक्रम की शुरुआत संविधान निर्माता बाबा भीमराव साहेब अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। बहुजन सोशल फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एके मौर्य ने कहा कि प्रदेश में एससी वर्ग के लोगों का आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास रुका हुआ है। मूल निवासी संघ के अध्यक्ष गिरीश आर्य ने कहा कि प्रदेश में सरकार बैकलॉग के पद नहीं भर रही है, जिससे अनुसूचित जाति वर्ग के युवक बेरोजगार घूम रहे हैं। शिल्पकार सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष मोहन लाल शाह ने कहा कि अलग राज्य आंदोलन में अनुसूचित जाति वर्ग के कई लोगों ने सक्रिय भूमिका निभाई, लेकिन एक भी अनुसूचित जाति के व्यक्ति को राज्य आंदोलनकारी का दर्जा नहीं दिया गया है। इस अवसर पर बहुजन सोशल फ्रंट के उत्तराखंड प्रभारी महेश चंद्र डोनिया, जितेंद्र कुमार, रामेश्वरी देवी, प्रीति देवी, सुरेशी देवी, पंकज शर्मा, रामदयाल, अंजना, राजेंद्र लाल और दीपक शाह आदि मौजूद थे।
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