{"_id":"5aba7ae84f1c1b8e778b7ffe","slug":"15221708609-shrinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नुक्कड़ नाटक से की किन्नरों की सामाजि दशा बयां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नुक्कड़ नाटक से की किन्नरों की सामाजि दशा बयां
Updated Tue, 27 Mar 2018 10:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर। विश्व रंगमंच दिवस के अवसर अभिव्यक्ति थिएटर ग्रुप ने बिड़ला परिसर में ‘हम तो बोलेंगे’ नुक्कड़ नाटक का मंचन किया। नाटक समाज में किन्नरों की दशा पर आधारित था।
मंगलवार को बिड़ला परिसर स्थित कैंटीन के सामने मंचित नुक्कड़ नाटक में किन्नरों की सामाजिक दशा को भावपूर्ण ढंग से दर्शाया गया। नाटक में कलाकारों ने दिखाया कि आज भी किन्नरों को समाज में केवल नाचने गाने वालों की श्रेणी तक सीमित किया गया है। किन्नरों को हीनता की दृष्टि से देखा जाता है। जबकि किन्नरों में भी कई प्रतिभाएं छुपी होती हैं, जिन्हें समाज स्वीकार नहीं कर पा रहा है। नाटक के माध्यम से कलाकारों ने छात्रों से किन्नरों को साथ लेकर समाज की मुख्य धारा में जोड़ने की अपील की। नाटक मंचन में अंकित उछोली, अमन रावत, शेखर नेगी, भूपेंद्र कुंवर, शशांक जमलोकी, अर्जुन राणा, वैभव, अलका उखियाल, कंचन नौटियाल, कविता खत्री, पंकज बिष्ट, दीपक नेगी व अनुश्री ने भूमिका निभाई।
विज्ञापन
मंगलवार को बिड़ला परिसर स्थित कैंटीन के सामने मंचित नुक्कड़ नाटक में किन्नरों की सामाजिक दशा को भावपूर्ण ढंग से दर्शाया गया। नाटक में कलाकारों ने दिखाया कि आज भी किन्नरों को समाज में केवल नाचने गाने वालों की श्रेणी तक सीमित किया गया है। किन्नरों को हीनता की दृष्टि से देखा जाता है। जबकि किन्नरों में भी कई प्रतिभाएं छुपी होती हैं, जिन्हें समाज स्वीकार नहीं कर पा रहा है। नाटक के माध्यम से कलाकारों ने छात्रों से किन्नरों को साथ लेकर समाज की मुख्य धारा में जोड़ने की अपील की। नाटक मंचन में अंकित उछोली, अमन रावत, शेखर नेगी, भूपेंद्र कुंवर, शशांक जमलोकी, अर्जुन राणा, वैभव, अलका उखियाल, कंचन नौटियाल, कविता खत्री, पंकज बिष्ट, दीपक नेगी व अनुश्री ने भूमिका निभाई।
विज्ञापन