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बदरीनाथ में एकता और अखंडता का संदेश देगा गुजरात का श्री
Updated Fri, 23 Mar 2018 10:36 PM IST
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गोपेश्वर। चारधाम यात्रा के दौरान बदरीनाथ धाम के मुख्य सिंह द्वार के दोनों ओर इस बार गुजरात राज्य का शुभांकर (धार्मिक प्रतीक चिह्न) ‘श्री’ लगेगा। मंदिर समिति देशभर के 27 राज्यों को अपने-अपने राज्यों के धार्मिक प्रतीक चिह्न देने के लिए प्रेरित कर रही है।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति वर्ष 2012 से प्रतिवर्ष धाम के मुख्य द्वार के दोनों ओर शुभांकर (धार्मिक प्रतीक चिह्न) स्थापित करती आ रही है। अभी तक उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र के शुभांकर बदरीनाथ में लग चुके हैं। मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने बताया कि बदरीनाथ में शुभांकर अनेकता में एकता का संदेश दे रहा है। इस वर्ष यात्राकाल में गुजरात का शुभांकर ‘श्री’ बदरीनाथ की शोभा बढ़ाएगा।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति वर्ष 2012 से प्रतिवर्ष धाम के मुख्य द्वार के दोनों ओर शुभांकर (धार्मिक प्रतीक चिह्न) स्थापित करती आ रही है। अभी तक उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र के शुभांकर बदरीनाथ में लग चुके हैं। मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने बताया कि बदरीनाथ में शुभांकर अनेकता में एकता का संदेश दे रहा है। इस वर्ष यात्राकाल में गुजरात का शुभांकर ‘श्री’ बदरीनाथ की शोभा बढ़ाएगा।
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