{"_id":"5ab3dbe74f1c1bbe758b6df7","slug":"15217369335-gopeshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"होम स्टे योजना के बजट में शामिल होने से लगेगी पलायन पर रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
होम स्टे योजना के बजट में शामिल होने से लगेगी पलायन पर रोक
Updated Thu, 22 Mar 2018 10:07 PM IST
विज्ञापन
गोपेश्वर। बजट में होम स्टे योजना को शामिल कर स्वरोजगार को बढ़ावा देने का प्रयास है। पर्यटन के क्षेत्र में सरकार ने 183 करोड़ 36 लाख 58 हजार की धनराशि का प्रावधान किया है, जिससे जिले में पर्यटन व्यवसाय के दिन बहुरने की आस जगी है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों से हो रहे पलायन पर भी प्रभावी रोक लग पाएगी।
चमोली जिले में उर्गम घाटी, देवाल, मंडल घाटी, जोशीमठ और कुजौ-मैकोट क्षेत्रों में ग्रामीण स्वयं के संसाधन से सैलानियों को होम स्टे की सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। ऐसे में सरकार की ओर से किए गए विशेष प्रावधान से ग्रामीणों को आर्थिक लाभ मिलेगा। उर्गम घाटी के लक्ष्मण सिंह नेगी और राजेंद्र सिंह का कहना है कि यदि सरकार की ओर से ग्रामीणों को आर्थिक सहायता दी जाती है तो ग्रामीण होम स्टे योजना से अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही योजना से उत्तराखंड की संस्कृति के प्रसार को भी गति मिलेगी। पर्यटन व्यवसाय कर रही पूनम रावत का कहना है कि सरकार के होम स्टे योजना को बजट में शामिल करने से पर्यटन व्यवसाय को मजबूती मिलेगी।
विज्ञापन
चमोली जिले में उर्गम घाटी, देवाल, मंडल घाटी, जोशीमठ और कुजौ-मैकोट क्षेत्रों में ग्रामीण स्वयं के संसाधन से सैलानियों को होम स्टे की सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। ऐसे में सरकार की ओर से किए गए विशेष प्रावधान से ग्रामीणों को आर्थिक लाभ मिलेगा। उर्गम घाटी के लक्ष्मण सिंह नेगी और राजेंद्र सिंह का कहना है कि यदि सरकार की ओर से ग्रामीणों को आर्थिक सहायता दी जाती है तो ग्रामीण होम स्टे योजना से अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही योजना से उत्तराखंड की संस्कृति के प्रसार को भी गति मिलेगी। पर्यटन व्यवसाय कर रही पूनम रावत का कहना है कि सरकार के होम स्टे योजना को बजट में शामिल करने से पर्यटन व्यवसाय को मजबूती मिलेगी।
विज्ञापन