{"_id":"5ab16b8a4f1c1bba758b6960","slug":"152157709318-vikas-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आयुर्वेदिक चिकित्सक के भरोसे एलोपैथिक अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आयुर्वेदिक चिकित्सक के भरोसे एलोपैथिक अस्पताल
Updated Wed, 21 Mar 2018 01:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आयुर्वेदिक चिकित्सक के भरोसे एलोपैथिक अस्पताल
ब्यूरो/अमर उजाला
साहिया।
एलोपैथिक स्वास्थ्य केंद्र बिरमऊ पिछले 11 साल से आयुर्वेदिक चिकित्सक के भरोसे चल रहा है। अस्पताल में स्वीकृत एलोपैथिक चिकित्साधिकारी समेत अन्य पदों पर नियुक्तियां होने से मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। गंभीर बीमारी पर लोगों को इलाज के लिए 25 किमी दूर साहिया आना पड़ता है।
अस्पताल में एलोपैथिक चिकित्साधिकारी, एक आयुर्वेदिक चिकित्सक, एक फार्मेसिस्ट, एक एलोपैथिक चिकित्सक, एक एलोपैथिक फार्मेसिस्ट, एक वॉर्ड ब्वॉय और एक स्वीपर के पद स्वीकृत है। लेकिन अस्पताल में आयुर्वेदिक चिकित्सक को छोड़ शेष पद रिक्त पड़े हैं। अस्पताल में दस साल पहले एक फार्मेसिस्ट की तैनाती गई थी, लेकिन वह भी दो दिन आकर नहीं आए। बिरमोऊ की ग्राम प्रधान प्रेमा देवी, हुकम सिंह, रवि तोमर, स्वराज सिंह, भवान सिहं, कुंदन सिंह, वीरेंद्र सिंह आदि का कहना है अस्पताल बिनोऊ, बन्तोऊ, बिसोई, निथला, बिरमोऊ, रिखाड, ठाणा, पणायसा समेत एक दर्जन गांव का केंद्र बिंदु है। लेकिन एलोपैथिक चिकित्सक के न होने पर गंभीर बीमारी होने पर कई बार मरीज की जान तक पर बन आती है। उसे इलाज के लिए 25 किमी दूर सीएचसी साहिया ले जाना पड़ता है। लंबे समय से लोग अस्पताल में चिकित्सक तैनाती की मांग कर रहे हैं। लेकिन हर बार उन्हें कोरे आश्वासन देकर टरका दिया जाता है। सीएमओ देहरादून डॉ. वाईएस थपलियाल ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टर तैनाती के प्रयास जारी हैं।
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला
साहिया।
एलोपैथिक स्वास्थ्य केंद्र बिरमऊ पिछले 11 साल से आयुर्वेदिक चिकित्सक के भरोसे चल रहा है। अस्पताल में स्वीकृत एलोपैथिक चिकित्साधिकारी समेत अन्य पदों पर नियुक्तियां होने से मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। गंभीर बीमारी पर लोगों को इलाज के लिए 25 किमी दूर साहिया आना पड़ता है।
अस्पताल में एलोपैथिक चिकित्साधिकारी, एक आयुर्वेदिक चिकित्सक, एक फार्मेसिस्ट, एक एलोपैथिक चिकित्सक, एक एलोपैथिक फार्मेसिस्ट, एक वॉर्ड ब्वॉय और एक स्वीपर के पद स्वीकृत है। लेकिन अस्पताल में आयुर्वेदिक चिकित्सक को छोड़ शेष पद रिक्त पड़े हैं। अस्पताल में दस साल पहले एक फार्मेसिस्ट की तैनाती गई थी, लेकिन वह भी दो दिन आकर नहीं आए। बिरमोऊ की ग्राम प्रधान प्रेमा देवी, हुकम सिंह, रवि तोमर, स्वराज सिंह, भवान सिहं, कुंदन सिंह, वीरेंद्र सिंह आदि का कहना है अस्पताल बिनोऊ, बन्तोऊ, बिसोई, निथला, बिरमोऊ, रिखाड, ठाणा, पणायसा समेत एक दर्जन गांव का केंद्र बिंदु है। लेकिन एलोपैथिक चिकित्सक के न होने पर गंभीर बीमारी होने पर कई बार मरीज की जान तक पर बन आती है। उसे इलाज के लिए 25 किमी दूर सीएचसी साहिया ले जाना पड़ता है। लंबे समय से लोग अस्पताल में चिकित्सक तैनाती की मांग कर रहे हैं। लेकिन हर बार उन्हें कोरे आश्वासन देकर टरका दिया जाता है। सीएमओ देहरादून डॉ. वाईएस थपलियाल ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टर तैनाती के प्रयास जारी हैं।
विज्ञापन