{"_id":"5ab16b834f1c1bb22a8b4756","slug":"15215770861828-vikas-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"28 साल से विभाग ने नहीं ली सड़क की सुध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
28 साल से विभाग ने नहीं ली सड़क की सुध
Updated Wed, 21 Mar 2018 01:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला
त्यूनी।
विभागीय लापरवाही के चलते 12 किमी लंबा त्यूनी-कथियान मोटर मार्ग बदहाल है। डामरीकरण न होने से सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। आए दिन दुपहिया वाहन चालक इस सड़क पर गिरकर चोटिल हो रहे हैं। आधा घंटे का सफर पूरा करने में लोगों को एक घंटे का समय लग रहा है।
वर्ष 1990 में विभाग ने इस सड़क का निर्माण किया। जिसके बाद विभाग ने इस सड़क की कोई सुध नहीं ली। जिसका खामियाजा अब एक दर्जन से अधिक गांव की आबादी को भुगतना पड़ रहा है। सड़क से मेंद्रथ, दार्मिगाड़, नीनूस, पुुरटाड़, बागी, कूणा, बास्तिल, डेरनाड़, बृनाड़, ओबरासेर, कथियान समेत एक दर्जन गांवों की आबादी जुड़ी हुई है।
स्थानीय निवासी रमेश सिंह, अरविंद पंवार, प्रदीप कुमार, हरदयाल सिंह, केवल सिंह, प्रेम कुमार, रतन सिंह, राजू आदि का कहना है कि बरसात में सड़क पर कीचड़ हो जाती है। लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। विभाग ने सड़क के गड्ढों को मिट्टी से भरने की कोशिश की थी लेकिन अब मिट्टी भी बह गई है।
विज्ञापन
इस संबंध में लोनिवि चकराता के अधिशासी अभियंता बीडी भट्ट ने कहा कि इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा चुका है। स्वीकृति मिलते ही सड़क का मरम्मत कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
त्यूनी।
विभागीय लापरवाही के चलते 12 किमी लंबा त्यूनी-कथियान मोटर मार्ग बदहाल है। डामरीकरण न होने से सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। आए दिन दुपहिया वाहन चालक इस सड़क पर गिरकर चोटिल हो रहे हैं। आधा घंटे का सफर पूरा करने में लोगों को एक घंटे का समय लग रहा है।
वर्ष 1990 में विभाग ने इस सड़क का निर्माण किया। जिसके बाद विभाग ने इस सड़क की कोई सुध नहीं ली। जिसका खामियाजा अब एक दर्जन से अधिक गांव की आबादी को भुगतना पड़ रहा है। सड़क से मेंद्रथ, दार्मिगाड़, नीनूस, पुुरटाड़, बागी, कूणा, बास्तिल, डेरनाड़, बृनाड़, ओबरासेर, कथियान समेत एक दर्जन गांवों की आबादी जुड़ी हुई है।
विज्ञापन
स्थानीय निवासी रमेश सिंह, अरविंद पंवार, प्रदीप कुमार, हरदयाल सिंह, केवल सिंह, प्रेम कुमार, रतन सिंह, राजू आदि का कहना है कि बरसात में सड़क पर कीचड़ हो जाती है। लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। विभाग ने सड़क के गड्ढों को मिट्टी से भरने की कोशिश की थी लेकिन अब मिट्टी भी बह गई है।
विज्ञापन
इस संबंध में लोनिवि चकराता के अधिशासी अभियंता बीडी भट्ट ने कहा कि इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा चुका है। स्वीकृति मिलते ही सड़क का मरम्मत कार्य शुरू कर दिया जाएगा।