{"_id":"5aaecf1a4f1c1bb2758b6345","slug":"15214059717-vikas-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वन आरक्षियों ने किया वन दरोगा भर्ती का विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वन आरक्षियों ने किया वन दरोगा भर्ती का विरोध
Updated Mon, 19 Mar 2018 02:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर/कालसी।
उत्तराखंड वन आरक्षी/वन बीट अधिकारी संघ ने वन दरोगा के पदों पर सीधी भर्ती का विरोध किया है। उन्होंने 22 मार्च से वन प्रभाग कार्यालय में धरना प्रदर्शन का ऐलान किया है। मांगों के पूरा न होने पर 27 से कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
संघ के कालसी शाखा अध्यक्ष दीपक उनियाल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों की राय जाने बिना ही वन आरक्षी से लेकर उप वन क्षेत्राधिकारी तक के लिए बनाई गई सेवा नियमावली में बदलाव कर दिया है। वन दरोगा के पदों पर सीधी भर्ती होने से वन बीट अधिकारियों के हितों के साथ खिलवाड़ होगा। उन्होंने 33 प्रतिशत पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से भरे जाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि वन आरक्षी से वन दरोगा के पद पर पदोन्नति के लिए रखी गई 10 वर्ष की सेवा बाध्यता को भी समाप्त किया जाए। कहा मांगों पर कार्रवाई न होने पर प्रदेशभर में 22 मार्च से प्रभाग कार्यालयों में धरना दिया जाएगा। जिसके बाद 27 मार्च से कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे।
विज्ञापन
उत्तराखंड वन आरक्षी/वन बीट अधिकारी संघ ने वन दरोगा के पदों पर सीधी भर्ती का विरोध किया है। उन्होंने 22 मार्च से वन प्रभाग कार्यालय में धरना प्रदर्शन का ऐलान किया है। मांगों के पूरा न होने पर 27 से कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
संघ के कालसी शाखा अध्यक्ष दीपक उनियाल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों की राय जाने बिना ही वन आरक्षी से लेकर उप वन क्षेत्राधिकारी तक के लिए बनाई गई सेवा नियमावली में बदलाव कर दिया है। वन दरोगा के पदों पर सीधी भर्ती होने से वन बीट अधिकारियों के हितों के साथ खिलवाड़ होगा। उन्होंने 33 प्रतिशत पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से भरे जाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि वन आरक्षी से वन दरोगा के पद पर पदोन्नति के लिए रखी गई 10 वर्ष की सेवा बाध्यता को भी समाप्त किया जाए। कहा मांगों पर कार्रवाई न होने पर प्रदेशभर में 22 मार्च से प्रभाग कार्यालयों में धरना दिया जाएगा। जिसके बाद 27 मार्च से कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे।
विज्ञापन