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देहरादून कूच करने से पहले मोर्चा अध्यक्ष को किया नजरबंद
Updated Mon, 19 Mar 2018 02:07 AM IST
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ब्यूरो/रायवाला। भाजपा सरकार के एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण पर देहरादून में आयोजित कार्यक्रम का विरोध की चेतावनी देने पर देवभूमि जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष संजय पोखरियाल को रविवार तड़के हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उन्हें हिरासत में रानीपोखरी थाने ले गई। सुबह ग्रामीण को इसकी जानकारी लगी, तो उन्होंने रायवाला थाने का घेराव कर दिया। ग्रामीणों का संजय पोखरियाल से फोन पर संपर्क कराने के बाद वह लौट गए। शाम के वक्त पोखरियाल को भी निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।
गौहरीमाफी ग्रामसभा में बाढ़ सुरक्षा के स्थायी इंतजाम करने की मांग को लेकर देवभूमि जन संघर्ष मोर्चा के बैनर तले 80 दिनों से ग्रामीण धरने और क्रमिक अनशन पर डटे हैं। मोर्चा अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधान संजय पोखरियाल ने राजधानी देहरादून में रविवार को सरकार के एक साल कार्यकाल पूर्ण करने के कार्यक्रम का विरोध करने की चेतावनी दी थी, जिस पर उन्हें तड़के तीन बजे पुलिस ने गांव से हिरासत में ले लिया। पोखरियाल को पुलिस सीधे रानीपोखरी थाने में ले जाकर उन्हें नजरबंद कर दिया।
अपराह्न करीब तीन बजे पुलिस ने ग्रामीणों की मोबाइल फोन से संजय पोखरियाल से बात कराई, जिसमें पोखरियाल ने ग्रामीणों को खुद के सुरक्षित होने और उन्हें घर जाने की बात कही। बातचीत होने पर ग्रामीण वापस लौट गए। इसके बाद शाम छह बजे पुलिस ने मोर्चा अध्यक्ष संजय पोखरियाल को एसडीएम के समक्ष पेश कर उन्हें निजी मुचलके पर छोड़ दिया। मौके पर मेहरबान सिंह रावत, देवराज नेगी, शुरवीर पंवार, सतीश रावत, रोहित नौटियाल आदि रहे।
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पूर्व प्रधान ने सरकार पर लगाए आरोप
देवभूमि जनसंघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं गौहरीमाफी के पूर्व प्रधान ने सरकार पर कई आरोप लगाए हैं कि सरकार गांव में बाढ़ सुरक्षा के स्थायी कार्य नहीं करा पा रही है। इसी नाकामी को छुपाने के लिए उन्हें नजरबंद किया गया। कहा कि एक साल का कार्यकाल पूर्ण होने पर जश्न मना रही सरकार के सामने शांतिपूर्वक ग्रामीणों के साथ मांग को रखने के लिए जाना था, लेकिन उन्हें धोखे से पुलिस ने रविवार तड़के तीन बजे घर के बाहर बुलाकर हिरासत में ले लिया। कहा कि उन्हें रानीपोखरी थाने में दिन भर नजरबंद रखा गया।
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गौहरीमाफी ग्रामसभा में बाढ़ सुरक्षा के स्थायी इंतजाम करने की मांग को लेकर देवभूमि जन संघर्ष मोर्चा के बैनर तले 80 दिनों से ग्रामीण धरने और क्रमिक अनशन पर डटे हैं। मोर्चा अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधान संजय पोखरियाल ने राजधानी देहरादून में रविवार को सरकार के एक साल कार्यकाल पूर्ण करने के कार्यक्रम का विरोध करने की चेतावनी दी थी, जिस पर उन्हें तड़के तीन बजे पुलिस ने गांव से हिरासत में ले लिया। पोखरियाल को पुलिस सीधे रानीपोखरी थाने में ले जाकर उन्हें नजरबंद कर दिया।
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अपराह्न करीब तीन बजे पुलिस ने ग्रामीणों की मोबाइल फोन से संजय पोखरियाल से बात कराई, जिसमें पोखरियाल ने ग्रामीणों को खुद के सुरक्षित होने और उन्हें घर जाने की बात कही। बातचीत होने पर ग्रामीण वापस लौट गए। इसके बाद शाम छह बजे पुलिस ने मोर्चा अध्यक्ष संजय पोखरियाल को एसडीएम के समक्ष पेश कर उन्हें निजी मुचलके पर छोड़ दिया। मौके पर मेहरबान सिंह रावत, देवराज नेगी, शुरवीर पंवार, सतीश रावत, रोहित नौटियाल आदि रहे।
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पूर्व प्रधान ने सरकार पर लगाए आरोप
देवभूमि जनसंघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं गौहरीमाफी के पूर्व प्रधान ने सरकार पर कई आरोप लगाए हैं कि सरकार गांव में बाढ़ सुरक्षा के स्थायी कार्य नहीं करा पा रही है। इसी नाकामी को छुपाने के लिए उन्हें नजरबंद किया गया। कहा कि एक साल का कार्यकाल पूर्ण होने पर जश्न मना रही सरकार के सामने शांतिपूर्वक ग्रामीणों के साथ मांग को रखने के लिए जाना था, लेकिन उन्हें धोखे से पुलिस ने रविवार तड़के तीन बजे घर के बाहर बुलाकर हिरासत में ले लिया। कहा कि उन्हें रानीपोखरी थाने में दिन भर नजरबंद रखा गया।