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निजी विद्यालयों में किताब और यूनिफार्म बेचने का विरोध
Updated Sun, 11 Mar 2018 10:28 PM IST
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श्रीनगर। जन उड़ान संस्था ने प्राइवेट स्कूलों में किताब और यूनिफार्म बेचने का विरोध किया है। संस्था ने आरोप लगाया कि कतिपय स्कूल राज्य सरकार के आदेश के बावजूद एनसीईआरटी की किताबें नहीं दे रहे हैं।
रविवार को अमिता आर्य की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि तीन साल में सिलेबस में परिवर्तन किया जा सकता है, लेकिन निजी स्कूल इसका उल्लंघन कर हर साल सिलेबस बदल कर अभिभावकों को नई पुस्तकें खरीदने को मजबूर कर रहे हैं। विद्यालय एनसीईआरटी के बजाय निजी प्रकाशनों की पाठ्य पुस्तकें थोप रहे हैं।
वक्ताओं ने निजी विद्यालयों में एक अभिभावक के दो या दो से अधिक बच्चे पढ़ने पर फीस में 50 फीसदी छूट और आरटीआई के तहत बच्चों को समय पर सारी सुविधाएं देने की मांग की है।
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इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष कुशलानाथ, सचिव राधा सजवाण, सरिता आर्य, गुलबहार, पूजा रानी, लक्ष्मी देवी, मनोज, सुंदर लाल, गिरीश चंद्र, पुष्पा देवी और संगीता देवी आदि मौजूद थे। बैठक का संचालन राधा सजवाण ने किया।
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रविवार को अमिता आर्य की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि तीन साल में सिलेबस में परिवर्तन किया जा सकता है, लेकिन निजी स्कूल इसका उल्लंघन कर हर साल सिलेबस बदल कर अभिभावकों को नई पुस्तकें खरीदने को मजबूर कर रहे हैं। विद्यालय एनसीईआरटी के बजाय निजी प्रकाशनों की पाठ्य पुस्तकें थोप रहे हैं।
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वक्ताओं ने निजी विद्यालयों में एक अभिभावक के दो या दो से अधिक बच्चे पढ़ने पर फीस में 50 फीसदी छूट और आरटीआई के तहत बच्चों को समय पर सारी सुविधाएं देने की मांग की है।
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इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष कुशलानाथ, सचिव राधा सजवाण, सरिता आर्य, गुलबहार, पूजा रानी, लक्ष्मी देवी, मनोज, सुंदर लाल, गिरीश चंद्र, पुष्पा देवी और संगीता देवी आदि मौजूद थे। बैठक का संचालन राधा सजवाण ने किया।