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पहाड़ी टूटने से दहशत में आए झलिया गांव के लोग
Updated Sun, 11 Mar 2018 10:32 PM IST
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देवाल। ब्लाक का दूरस्थ गांव झलिया भूस्खलन की चपेट में आ गया। यहां पहाड़ी से शनिवार रात को भूस्खलन होने से गांव के 20 से अधिक परिवारों ने गांव छोड़ छानियों में शरण ली। ग्रामीणों की सूचना पर तहसील प्रशासन ने कर्मियों की टीम झलिया के लिए रवाना कर दी।
जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह दानू ने बताया कि वर्ष 2013 से झलिया गांव के पास की पहाड़ी पर भूस्खलन से कई मकानों में दरारें आ गई थीं। तब से ग्रामीण लगातार गांव को विस्थापित करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन ग्रामीणों की मांग नहीं सुनी गई। उन्होंने बताया कि शनिवार रात को करीब 10 बजे पहाड़ी से भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा गिरा और बलवंत सिंह और खीम के घरों में घुस गया। दोनों घरों को नुकसान पहुंचा है। साथ ही भूस्खलन से कई मकानों में दरारें भी हैं। घरों में मलबा घुसने से गांव के सभी 20 से अधिक परिवारों ने गांव छोड़ करीब एक किमी दूर लेटीखाल तोक में बनी छानियों में शरण ली। जिला पंचायत सदस्य दानू ने बताया कि गांव में नुकसान की जानकारी और खतरे को देखते हुए प्रशासन को सूचना दे दी गई है। साथ ही प्रशासन से प्रभावितों की मदद करने की मांग की गई है। दूसरी ओर तहसीलदार माणिक लाल भेंतवाल ने बताया कि नायब तहसीलदार के नेतृत्व में कर्मियों की टीम झलिया के लिए रवाना कर दी गई है। गांव सड़क से 20 किमी पैदल होने की वजह से वास्तविक स्थिति का पता नहीं चल पा रहा है।
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जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह दानू ने बताया कि वर्ष 2013 से झलिया गांव के पास की पहाड़ी पर भूस्खलन से कई मकानों में दरारें आ गई थीं। तब से ग्रामीण लगातार गांव को विस्थापित करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन ग्रामीणों की मांग नहीं सुनी गई। उन्होंने बताया कि शनिवार रात को करीब 10 बजे पहाड़ी से भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा गिरा और बलवंत सिंह और खीम के घरों में घुस गया। दोनों घरों को नुकसान पहुंचा है। साथ ही भूस्खलन से कई मकानों में दरारें भी हैं। घरों में मलबा घुसने से गांव के सभी 20 से अधिक परिवारों ने गांव छोड़ करीब एक किमी दूर लेटीखाल तोक में बनी छानियों में शरण ली। जिला पंचायत सदस्य दानू ने बताया कि गांव में नुकसान की जानकारी और खतरे को देखते हुए प्रशासन को सूचना दे दी गई है। साथ ही प्रशासन से प्रभावितों की मदद करने की मांग की गई है। दूसरी ओर तहसीलदार माणिक लाल भेंतवाल ने बताया कि नायब तहसीलदार के नेतृत्व में कर्मियों की टीम झलिया के लिए रवाना कर दी गई है। गांव सड़क से 20 किमी पैदल होने की वजह से वास्तविक स्थिति का पता नहीं चल पा रहा है।
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