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प्रशासन ने तोड़ा दरवाजा, आंदोलनकारी नहीं लगा हाथ
Updated Sat, 10 Mar 2018 10:48 PM IST
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गैरसैंण। स्थायी राजधानी गैरसैंण की मांग को लेकर रामलीला मैदान में अनशन पर बैठे आंदोलनकारियों को प्रशासन शुक्रवार रात को उठाने पहुंचा लेकिन सफल नहीं हो पाया। आंदोलनकारियों को उठाने के दौरान पुलिस और प्रशासन की उनसे धक्कामुक्की हुई और इस दौरान चार लोग चोटिल हो गए, जबकि अनशनकारी प्रशासन के हाथ नहीं लगा। वहीं प्रशासन की इस कार्रवाई से गुस्साए समर्थकों ने शनिवार को प्रशासन के विरोध में प्रदर्शन किया। कहा कि प्रशासन सरकार के इशारे पर आंदोलन को दबाने के प्रयास कर रहा है। शनिवार को फिर खीम सिंह अनशन पर बैठ गए।
राजधानी की मांग को लेकर चल रहे अनशन को 42 दिन हो चुके हैं। शुक्रवार रात करीब 12 बजे प्रशासन और पुलिस रामलीला मैदान पहुंचे। इस पर अनशनकारी खीम सिंह सहित आंदोलनकारियों ने खुद को मैदान में बने एक कमरे में कैद कर लिया। तब पुलिस जबरन कमरे का दरवाजा तोड़ा और अनशनकारी को ढूंढने लगे तो धक्का मुक्की में आंदोलनकारी कृष्णा नेगी, सरोज शाह, कमला पंवार, समिति के अध्यक्ष नारयण सिंह बिष्ट चोटिल हो गए। इस दौरान मची अफरातफरी और अंधेरे में अनशनकारी खीम सिंह प्रशासन की नजरों से छुपकर अन्यत्र जगह चला गया। स्थायी राजधानी निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट ने बताया कि कुछ देर पर अनशनकारी के नहीं मिलने पर पुलिस और प्रशासन को लौटना पड़ा। शनिवार सुबह चोटिल आंदोलनकारियों ने अस्पताल में उपचार करवाया। पुलिस-प्रशासन की इस कार्रवाई से गुस्साए आंदोलनकारियों ने विरोध में प्रदर्शन किया। इसके बाद अनशनकारी खीम सिंह फिर अनशन पर आकर बैठ गए। शनिवार दोपहर को कई लोगों ने आंदोलन के समर्थन में धरना दिया। इस दौरान देवेंद्र सिंह वल्ली, वीरेंद्र जोशी, कुलदीप सिंह, पुष्कर सिंह रावत, पूरन सिंह नेगी सहित कई लोग मौजूद थे।
राजधानी की मांग को लेकर चल रहे अनशन को 42 दिन हो चुके हैं। शुक्रवार रात करीब 12 बजे प्रशासन और पुलिस रामलीला मैदान पहुंचे। इस पर अनशनकारी खीम सिंह सहित आंदोलनकारियों ने खुद को मैदान में बने एक कमरे में कैद कर लिया। तब पुलिस जबरन कमरे का दरवाजा तोड़ा और अनशनकारी को ढूंढने लगे तो धक्का मुक्की में आंदोलनकारी कृष्णा नेगी, सरोज शाह, कमला पंवार, समिति के अध्यक्ष नारयण सिंह बिष्ट चोटिल हो गए। इस दौरान मची अफरातफरी और अंधेरे में अनशनकारी खीम सिंह प्रशासन की नजरों से छुपकर अन्यत्र जगह चला गया। स्थायी राजधानी निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट ने बताया कि कुछ देर पर अनशनकारी के नहीं मिलने पर पुलिस और प्रशासन को लौटना पड़ा। शनिवार सुबह चोटिल आंदोलनकारियों ने अस्पताल में उपचार करवाया। पुलिस-प्रशासन की इस कार्रवाई से गुस्साए आंदोलनकारियों ने विरोध में प्रदर्शन किया। इसके बाद अनशनकारी खीम सिंह फिर अनशन पर आकर बैठ गए। शनिवार दोपहर को कई लोगों ने आंदोलन के समर्थन में धरना दिया। इस दौरान देवेंद्र सिंह वल्ली, वीरेंद्र जोशी, कुलदीप सिंह, पुष्कर सिंह रावत, पूरन सिंह नेगी सहित कई लोग मौजूद थे।
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