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मुनिकीरेती में बन सकती है हर्बल टिशू लैब
Updated Fri, 09 Mar 2018 01:40 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजला/ऋषिकेश।
वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत और पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य बालकृष्ण ने मुनिकीरेती स्थित हर्बल गार्डन का निरीक्षण किया। इस दौरान हर्बल गार्डन की बेहतरी पर सहयोग को लेकर चर्चा की गई। आचार्य बालकृष्ण बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे वन मंत्री डा. हरक सिंह के साथ हर्बल गार्डन पहुंचे।
आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि वह गार्डन में हर्बल टिशू लैब स्थापित करने की योजना पर विचार कर रहे हैं। इस बाबत सरकार से भी लगातार बातचीत की जा रही है। उन्होंने हर्बल गार्डन में उत्पादित की जा रहीं विभिन्न जड़ी बूटियों को देखा। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि प्रदेश में किसानों को प्रशिक्षण देने के लिए भी हर्बल गार्डन काफी लाभदायक साबित होगा।
वहीं वन मंत्री ने कहा कि पतंजलि योगपीठ हर्बल के क्षेत्र में अनुसंधान से लेकर उत्पादन तक के सभी कार्य कर उन्हें व्यापार से जोड़ने का प्रयास रहा है, लिहाजा सरकार ने निर्णय लिया है कि वह पतंजलि योगपीठ को हर्बल गार्डन के प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपेगी। हालांकि गार्डन की निगरानी वन विभाग के पास ही रहेगी। पतंजलि योगपीठ गार्डन में जड़ी-बूटियों को उत्पादित करेगी। यहां बीज तैयार कर उसे किसानों को बेचा जाएगा। किसानों की पैदावार को पतंजलि योगपीठ ही खरीदेगा, जिससे काश्तकारों की आमदनी में इजाफा होगा। आयुर्वेद के शोधार्थियों को भी हर्बल गार्डन के तौर पर एक उपयुक्त स्थान उपलब्ध होगा। इस मौके पर प्रभागीय वनाधिकारी राहुल, नरेंद्रनगर के रेंज अधिकारी बीपी बधानी, हर्बल गार्डन प्रभारी राकेश शाह आदि मौजूद रहे।
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वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत और पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य बालकृष्ण ने मुनिकीरेती स्थित हर्बल गार्डन का निरीक्षण किया। इस दौरान हर्बल गार्डन की बेहतरी पर सहयोग को लेकर चर्चा की गई। आचार्य बालकृष्ण बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे वन मंत्री डा. हरक सिंह के साथ हर्बल गार्डन पहुंचे।
आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि वह गार्डन में हर्बल टिशू लैब स्थापित करने की योजना पर विचार कर रहे हैं। इस बाबत सरकार से भी लगातार बातचीत की जा रही है। उन्होंने हर्बल गार्डन में उत्पादित की जा रहीं विभिन्न जड़ी बूटियों को देखा। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि प्रदेश में किसानों को प्रशिक्षण देने के लिए भी हर्बल गार्डन काफी लाभदायक साबित होगा।
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वहीं वन मंत्री ने कहा कि पतंजलि योगपीठ हर्बल के क्षेत्र में अनुसंधान से लेकर उत्पादन तक के सभी कार्य कर उन्हें व्यापार से जोड़ने का प्रयास रहा है, लिहाजा सरकार ने निर्णय लिया है कि वह पतंजलि योगपीठ को हर्बल गार्डन के प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपेगी। हालांकि गार्डन की निगरानी वन विभाग के पास ही रहेगी। पतंजलि योगपीठ गार्डन में जड़ी-बूटियों को उत्पादित करेगी। यहां बीज तैयार कर उसे किसानों को बेचा जाएगा। किसानों की पैदावार को पतंजलि योगपीठ ही खरीदेगा, जिससे काश्तकारों की आमदनी में इजाफा होगा। आयुर्वेद के शोधार्थियों को भी हर्बल गार्डन के तौर पर एक उपयुक्त स्थान उपलब्ध होगा। इस मौके पर प्रभागीय वनाधिकारी राहुल, नरेंद्रनगर के रेंज अधिकारी बीपी बधानी, हर्बल गार्डन प्रभारी राकेश शाह आदि मौजूद रहे।
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