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योग साधना ही दीर्घजीवन व निरोगी काया का मंत्र:बाबा रामदेव
Updated Fri, 09 Mar 2018 01:40 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/मुनिकीरेती/ऋषिकेश।
मुनिकीरेती में जीएमवीएन, यूटीडीबी व वन विभाग की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव समापन के दिन योग गुरु बाबा रामदेव ने साधकों को विभिन्न यौगिक क्रियाओं का अभ्यास कराया। इस दौरान उन्होंने साधकों को विभिन्न योग क्रियाएं कराई और योग से होने वाले लाभ की जानकारी भी दी। महोत्सव के अंतिम दिन प्रात:कालीन शिविर में करीब चार सौ साधकों ने हिस्सा लिया।
मुनिकीरेती स्थित जीएमवीएन के गंगा रिसॉर्ट विश्रामगृह के समीप खेल स्टेडियम में बृहस्पतिवार को योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि वर्तमान में जिस तरह लोगों में योग के प्रति विश्वास बढ़ा है। उससे उम्मीद है कि 50 वर्ष में पूरी दुनिया योगी बन जाएगी। योग साधना से मनुष्य पूरी तरह निरोगी बन सकता है। इसके पहले बाबा ने साधकों को कपालभाति योग क्रिया का अभ्यास कराया और बताया कि मनुष्य का पेट असली समुद्र मंथन से कम नहीं है। पेट की गतिविधियां सही हैं तो पूरा शरीर स्वस्थ रहता है। योग गुरु ने बताया कि कपालभाति पेट से संबंधित योग क्रिया है, प्रतिदिन इस क्रिया के अभ्यास से रोग जड़मूल समाप्त हो जाते हैं। कपालभाति योग क्रिया को नियमितरूप से लीवर संबंधी समस्याएं, साइडपेन, डायबिटीज, कोलेस्ट्रोल, किडनी आदि रोगों से मुक्ति पाई जा सकती है। बाबा ने बताया कि मोटापा दवा से नहीं योग दूर किया जा सकता है। इसके लिए थोड़ा वक्त निकालकर प्रतिदिन योगाभ्यास करना जरूरी है। इसके अलावा साधकों को कपालभाति, अनुलोम विलोम, ताड़ासन, भुजंगासन, धनुरासन, पवनमुक्तासन, मरकटासन आदि योग क्रियाओं का अभ्यास कराया और योग क्रियाओं से होने वाले शारीरिक व मानसिक लाभ की जानकारी दी। इस दौरान योग गुरु ने विभिन्न यौगिक क्रियाओं से संबंधित साधकों के प्रश्नों के जवाब भी दिए। इस अवसर पर राकेश कुमार, डॉ. सुमना, मोहन योगी, भास्कर ओली, प्रताप सिंह, सीमा जौहर, सुधांशु कुमार, राजेश शर्मा, सुनीता खंडूड़ी, कृष्णा मिलन, राजेंद्र सिंह, सदानंद भट्ट आदि मौजूद रहे।
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मुनिकीरेती में जीएमवीएन, यूटीडीबी व वन विभाग की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव समापन के दिन योग गुरु बाबा रामदेव ने साधकों को विभिन्न यौगिक क्रियाओं का अभ्यास कराया। इस दौरान उन्होंने साधकों को विभिन्न योग क्रियाएं कराई और योग से होने वाले लाभ की जानकारी भी दी। महोत्सव के अंतिम दिन प्रात:कालीन शिविर में करीब चार सौ साधकों ने हिस्सा लिया।
मुनिकीरेती स्थित जीएमवीएन के गंगा रिसॉर्ट विश्रामगृह के समीप खेल स्टेडियम में बृहस्पतिवार को योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि वर्तमान में जिस तरह लोगों में योग के प्रति विश्वास बढ़ा है। उससे उम्मीद है कि 50 वर्ष में पूरी दुनिया योगी बन जाएगी। योग साधना से मनुष्य पूरी तरह निरोगी बन सकता है। इसके पहले बाबा ने साधकों को कपालभाति योग क्रिया का अभ्यास कराया और बताया कि मनुष्य का पेट असली समुद्र मंथन से कम नहीं है। पेट की गतिविधियां सही हैं तो पूरा शरीर स्वस्थ रहता है। योग गुरु ने बताया कि कपालभाति पेट से संबंधित योग क्रिया है, प्रतिदिन इस क्रिया के अभ्यास से रोग जड़मूल समाप्त हो जाते हैं। कपालभाति योग क्रिया को नियमितरूप से लीवर संबंधी समस्याएं, साइडपेन, डायबिटीज, कोलेस्ट्रोल, किडनी आदि रोगों से मुक्ति पाई जा सकती है। बाबा ने बताया कि मोटापा दवा से नहीं योग दूर किया जा सकता है। इसके लिए थोड़ा वक्त निकालकर प्रतिदिन योगाभ्यास करना जरूरी है। इसके अलावा साधकों को कपालभाति, अनुलोम विलोम, ताड़ासन, भुजंगासन, धनुरासन, पवनमुक्तासन, मरकटासन आदि योग क्रियाओं का अभ्यास कराया और योग क्रियाओं से होने वाले शारीरिक व मानसिक लाभ की जानकारी दी। इस दौरान योग गुरु ने विभिन्न यौगिक क्रियाओं से संबंधित साधकों के प्रश्नों के जवाब भी दिए। इस अवसर पर राकेश कुमार, डॉ. सुमना, मोहन योगी, भास्कर ओली, प्रताप सिंह, सीमा जौहर, सुधांशु कुमार, राजेश शर्मा, सुनीता खंडूड़ी, कृष्णा मिलन, राजेंद्र सिंह, सदानंद भट्ट आदि मौजूद रहे।
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