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कलेक्शन सेंटर के नाम पर चल रहा गोरख धंधा
Updated Sat, 03 Mar 2018 10:24 PM IST
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श्रीनगर। बेस व संयुक्त अस्पताल के समीप संचालित हो रहे पैथोलॉजी प्रयोगशालाएं मानकों की धज्जियां उड़ा रही हैं। अधिकांश प्रयोगशालाएं कलेक्शन सेंटर के नाम पर संचालित की जा रही है। इन सेंटरों से मरीजों को दी जानी वाली जांच रिपोर्ट में न तो पैथोलॉजिस्ट (विशेषज्ञ चिकित्सक) और न ही तकनीशियन के हस्ताक्षर हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सेंटरों पर कार्रवाई के लिए शिकायत के इंतजार में बैठे हैं।
श्रीनगर, श्रीकोट और कीर्तिनगर में दर्जन भर से अधिक पैथोलॉजी लैब हैं। इन लैब में जांच के नाम पर मरीजों से मनमाना शुल्क वसूला जा रहा है। कई लैब संचालकों ने अपने पर्चों में पैथोलॉजिस्ट के नाम लिखे हैं, लेकिन संबंधित पैथोलॉजिस्ट के कहीं हस्ताक्षर नहीं हैं। उप मुख्य चिकितसाधिकारी डा. अजीत जोहरी का कहना है कि पैथोलॉजी रिपोर्ट पर पैथोलाजिस्ट के हस्ताक्षर होने जरूरी है। कलेक्शन सेंटर के संबंध में कोई स्पष्ट निर्देश नहीं है। किसी लैब के संबंध में शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाती है।
श्रीनगर, श्रीकोट और कीर्तिनगर में दर्जन भर से अधिक पैथोलॉजी लैब हैं। इन लैब में जांच के नाम पर मरीजों से मनमाना शुल्क वसूला जा रहा है। कई लैब संचालकों ने अपने पर्चों में पैथोलॉजिस्ट के नाम लिखे हैं, लेकिन संबंधित पैथोलॉजिस्ट के कहीं हस्ताक्षर नहीं हैं। उप मुख्य चिकितसाधिकारी डा. अजीत जोहरी का कहना है कि पैथोलॉजी रिपोर्ट पर पैथोलाजिस्ट के हस्ताक्षर होने जरूरी है। कलेक्शन सेंटर के संबंध में कोई स्पष्ट निर्देश नहीं है। किसी लैब के संबंध में शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाती है।
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