{"_id":"5a9861074f1c1b8e238bb7a8","slug":"1519935978117-vikas-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"17 साल बाद भी थेत्यो गांव में नहीं बिछी पेयजल लाइन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
17 साल बाद भी थेत्यो गांव में नहीं बिछी पेयजल लाइन
Updated Fri, 02 Mar 2018 01:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/साहिया।
राज्य गठन के 17 साल बाद भी ग्राम पंचायत बमराड़ के थेत्यो गांव में पेयजल लाइन नहीं बिछ सकी है। करीब एक दशक पूर्व ग्रामीणों ने अपने दम पर गांव में जिस ओवरहैंड टैंक और पेयजल लाइन का निर्माण कराया था। अब वह लाइन पूरी तरह से जवाब देने लगी है। गांव में पानी का संकट खड़ा हो गया है। लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। पानी के लिए खड्ड की दौड़ लगानी पड़ रही है।
थेत्यो गांव में 100 की आबादी निवास करती है। वर्तमान प्रधान रणवीर सिंह चौहान, सतपाल सिंह चौहान, शमशेर सिंह चौहान आदि का कहना है कि ग्राम पंचायत के पास इतना बजट नहीं कि वह क्षतिग्रस्त लाइन की मरम्मत करा सके। इसके साथ ही कई बार वह जल संस्थान और जल निगम से गांव तक पेयजल लाइन बिछाने की गुहार लगा चुके हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती। अब क्षतिग्रस्त लाइन के कारण उन्हें खड्ड से पानी ढोना पड़ता है। कपड़े धोने और बर्तन धोने के लिए भी खड्ड पर जाना पड़ता है। लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से गड़बड़ा गई है। एसडीएम कालसी बृजेश कुमार तिवारी ने बताया कि मामले में जेई से रिपोर्ट मांगी जाएगी। जल्द पेयजल लाइन बिछाने के लिए सर्वे कराया जाएगा।
विज्ञापन
राज्य गठन के 17 साल बाद भी ग्राम पंचायत बमराड़ के थेत्यो गांव में पेयजल लाइन नहीं बिछ सकी है। करीब एक दशक पूर्व ग्रामीणों ने अपने दम पर गांव में जिस ओवरहैंड टैंक और पेयजल लाइन का निर्माण कराया था। अब वह लाइन पूरी तरह से जवाब देने लगी है। गांव में पानी का संकट खड़ा हो गया है। लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। पानी के लिए खड्ड की दौड़ लगानी पड़ रही है।
थेत्यो गांव में 100 की आबादी निवास करती है। वर्तमान प्रधान रणवीर सिंह चौहान, सतपाल सिंह चौहान, शमशेर सिंह चौहान आदि का कहना है कि ग्राम पंचायत के पास इतना बजट नहीं कि वह क्षतिग्रस्त लाइन की मरम्मत करा सके। इसके साथ ही कई बार वह जल संस्थान और जल निगम से गांव तक पेयजल लाइन बिछाने की गुहार लगा चुके हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती। अब क्षतिग्रस्त लाइन के कारण उन्हें खड्ड से पानी ढोना पड़ता है। कपड़े धोने और बर्तन धोने के लिए भी खड्ड पर जाना पड़ता है। लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से गड़बड़ा गई है। एसडीएम कालसी बृजेश कुमार तिवारी ने बताया कि मामले में जेई से रिपोर्ट मांगी जाएगी। जल्द पेयजल लाइन बिछाने के लिए सर्वे कराया जाएगा।
विज्ञापन